हरदा जिले के टिमरनी विकासखंड की छिदगांव तमोली ग्राम पंचायत अब पूरी तरह डिजिटल बन गई है। यहां ग्रामीण अलग-अलग करों का भुगतान क्यूआर कोड से करते हैं। गांव की कम पढ़ी-लिखी महिलाओं को भी मोबाइल चलाने की ट्रेनिंग दी गई है, जिससे वे फोन पर ही जरूरी जानकारी हासिल कर पाती हैं। गांव में स्वच्छता कर, स्ट्रीट लाइट कर, पानी कर, संपत्ति कर और भवन निर्माण की अनुमति का कर अब ऑनलाइन जमा किया जाता है। ग्रामीण जब क्यूआर कोड से पैसा भेजते हैं तो वह सीधे पंचायत के बैंक खाते में पहुँच जाता है। इससे टैक्स समय पर और सही तरीके से जमा हो जाता है। देश की पहली जियो-ट्रैक्ड पंचायत सरपंच उत्तम सिंह राजपूत ने बताया कि छिदगांव तमोली देश की पहली पंचायत है जिसकी जियो-ट्रैकिंग की गई थी। इसके बाद ISRO ने सभी गांवों के नक्शे बनाना शुरू किया। सरपंच का कहना है कि अब उनकी पंचायत पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है। महिलाओं को भी मिला डिजिटल ज्ञान गांव की महिलाओं को एंड्रॉइड मोबाइल चलाने की ट्रेनिंग दी गई है, ताकि वे घर बैठे जरूरी काम कर सकें। एक युवक ने भवन निर्माण अनुमति का 100 रुपए ऑनलाइन जमा किया और कहा कि उसे इस आधुनिक व्यवस्था पर गर्व है। सरपंच उत्तम सिंह राजपूत पोस्ट-ग्रेजुएट हैं और उनके नेतृत्व में गांव कई क्षेत्रों में आगे बढ़ा है। गांव की सभी सड़कें साफ और पक्की हैं। नल-जल योजना से सभी घरों में साफ पानी मिलता है। खेती में नई तकनीक अपनाने की वजह से गांव आर्थिक रूप से मजबूत है। यहां लगभग हर परिवार के पास ट्रैक्टर और चार पहिया वाहन है।


