हरदा जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी में मक्का के कम दामों को लेकर किसानों और व्यापारियों के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है। मंगलवार को व्यापारियों ने मक्का की नीलामी में शामिल न होने का निर्णय लिया, जिसके बाद किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। मंडी में तीन सौ से अधिक ट्रॉलियों में किसान मक्का लेकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। यह विवाद तब और बढ़ गया जब मंगलवार को एक किसान ने कम दाम मिलने के विरोध में अपनी मक्का से भरी ट्रॉली को बीच सड़क पर फैला दिया। इसी दौरान नीलामी के दौरान व्यापारियों और किसानों के बीच झड़प भी हुई थी। इसके बाद ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन ने मंडी समिति प्रशासन को बुधवार से मक्का की नीलामी में शामिल न होने के संबंध में एक पत्र लिखा था। व्यापारियों ने किसानों पर अभद्रता का आरोप लगाया
मंडी अनाज व्यापारी संघ ने आपसी समन्वय बनाकर यह बड़ा निर्णय लिया है कि वे आज से मंडी में मक्का नहीं खरीदेंगे। व्यापारियों का आरोप है कि हरदा मंडी में मक्का खरीदी के दौरान कम भाव को लेकर किसान आए दिन आंदोलन करते हैं। ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश अग्रवाल का कहना है कि नीलामी के दौरान लगातार किसानों के द्वारा अभद्रता की जा रही हैं।वही किसानों के उन्नीसा मॉल को कम दाम मिल रहा है। जिसके चलते हमें ऊपर भी उस मॉल को लेने वाले नही मिल रहे है। उन्होंने कहा कि हम मक्का के अलावा अन्य उपज की खरीदी के लिए तैयार है। उधर मंडी से किसान कलेक्ट्रेट जा रहे हैं। किसान कम दाम मिलने से नाराज
उधर, बीते तीन दिनों से मक्का लेकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसानों का कहना है कि उन्हें वैसे भी मक्का के दाम कम मिल रहे हैं, जिससे उनकी लागत भी नहीं निकल पा रही है। ऊपर से मंडी व्यापारियों के आज खरीदी न करने की बात पता चली है। किसानों का कहना है कि उन्हें किराए के ट्रैक्टर लाने पर राशि खर्च हो रही है, वहीं मंडी में रुकने के दौरान भी खर्चा हो रहा है। यदि आज नीलामी नहीं होती है, तो मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ेगा। मंडी सचिव हरनारायण भिलाला ने बताया कि उनके द्वारा किसानों और व्यापारियों के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि नीलामी यथावत शुरू हो सके।


