हरदा जिले में बुधवार को एमपी एग्रो गोदाम पर यूरिया खाद वितरण में देरी को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जबकि बोवनी और फसलों की जरूरत को देखते हुए वे लगातार गोदाम के चक्कर काट रहे हैं। किसानों ने बताया कि मंगलवार को उन्हें अगले दिन यानी बुधवार को खाद मिलने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद भी रात करीब 12 बजे गोदाम पर यह सूचना चस्पा कर दी गई कि खाद का स्टॉक उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद किसान सुबह से ही लाइन में लगे रहे, लेकिन वितरण नहीं हुआ। किसानों के विरोध और हंगामे की सूचना पर मौके पर पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाइश दी और स्थिति को शांत कराया। कृषि उप संचालक बोले- भ्रम की वजह से बनी स्थिति कृषि विभाग के उप संचालक जवाहरलाल कास्दे ने बताया कि एमपी एग्रो गोदाम पर खाद वितरण को लेकर किसानों में भ्रम की स्थिति बन गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो खाद स्टॉक में उपलब्ध थी, उसका वितरण मंगलवार को किया गया था। टोकन वाले किसानों को बुधवार को दी जा रही खाद जवाहरलाल कास्दे ने बताया कि जिन किसानों को मंगलवार को टोकन दिए गए थे, उन्हें बुधवार को खाद उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा बुधवार को खाद की एक और रैक भी आई है। इसका स्टॉक मशीन में दर्ज होने के बाद आगे वितरण किया जाएगा। 11 एकड़ जमीन के लिए बेटी लेने पहुंची खाद ग्राम नकवाड़ा की छात्रा आरती शर्मा, जो खंडवा में पढ़ाई कर रही हैं, अपने पिता हरिशंकर शर्मा के लिए खाद लेने हरदा पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनके पिता की 11 एकड़ जमीन है और वे मंगलवार सुबह से लाइन में लगे थे। उनका 35वां नंबर था, लेकिन शाम 6 बजे तक खाद खत्म होने की जानकारी दे दी गई। रात में सूचना, सुबह लाइन में लगे किसानों को परेशानी ग्राम पलासनेर के किसान आबिद खान ने बताया कि मंगलवार को लाइन में लगने के दौरान खाद खत्म होने की कोई सूचना नहीं थी। लेकिन रात 12 बजे स्टॉक न होने की सूचना लगा दी गई। इससे बुधवार सुबह से लाइन में लगे किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।


