हरदा में होमगार्ड ने शनिवार को अपना 79वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर सिविल लाइन स्थित होमगार्ड लाइन पर एक मार्च परेड का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने सलामी ली। परेड का नेतृत्व प्लाटून कमांडर शिवराज चौधरी ने किया और इसमें होमगार्ड की दो प्लाटून एवं सिविल डिफेंस का एक दल शामिल हुआ। कलेक्टर जैन ने इस अवसर पर कहा कि आजादी के बाद से होमगार्ड के जवानों ने आपदा बचाव, राहत कार्यों और पुलिस के सहयोगी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने देश की शांति व्यवस्था, प्रगति और उत्थान में होमगार्ड तथा सिविल डिफेंस के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान, आपदा के समय उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले होमगार्ड और एसडीआरएफ के जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कलेक्टर ने बारिश के दौरान आई बाढ़ में सर्वोच्च सेवाएं देने वाले 40 जवानों, चार भूतपूर्व सैनिकों और बोर्ड कक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले सैनिकों के मेधावी बच्चों को 40 हजार रुपए के प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए। इस कार्यक्रम में विधायक डॉ. आर.के. दोगने, एसपी शशांक, एसडीओपी शालिनी परस्ते, आरआई रजनी गुर्जर, ट्रैफिक थाना प्रभारी उमेश ठाकुर सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कलेक्टर जैन ने होमगार्ड के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत के पहले उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 1947 में आज ही के दिन आजाद हिंद फौज के सेना नायकों को मिलाकर होमगार्ड संगठन की स्थापना की थी। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को संगठन का पितृ पुरुष और आजाद हिंद फौज को मातृ संस्था बताया। उन्होंने आगे कहा कि होमगार्ड संगठन ने आजादी के बाद रियासतों के भारतीय गणराज्य में विलय कराने में अविस्मरणीय भूमिका निभाई थी। 1962, 1965 और 1972 के भारत-पाकिस्तान युद्धों के दौरान भी इस संगठन ने तीनों सेनाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सक्रिय सहयोग दिया था। आज भी यह संगठन आपदाओं, कानून व्यवस्था और देश की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस अवसर पर विधायक डॉ. आर.के. दोगने ने सरकार से होमगार्ड जवानों को स्थायी नौकरी प्रदान करने की मांग की।


