पूर्व केंद्रीय मंत्री और बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने आज मानसा हलके के विभिन्न गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने उन परिवारों से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया, जिन्होंने पिछले दिनों अपने परिजनों को खोया था। पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद बादल ने पंजाब की ‘आप’ सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कड़े प्रहार किए। राज्य की संपत्तियां बेची जा रही हैं सांसद हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार पंजाब के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा, “पंजाब की बागडोर अब दिल्ली स्थित आकाओं के हाथ में है, जो राज्य के संसाधनों को लूट रहे हैं। आलम यह है कि सरकारी जमीनें और संपत्तियां बेची जा रही हैं और राज्य पर कर्ज का बोझ बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुँच गया है।” कानून-व्यवस्था और गैंगस्टरों का मुद्दा: कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में जंगलराज जैसे हालात हैं। गैंगस्टर बेखौफ होकर रोजाना व्यापारियों और आम लोगों को धमकियां दे रहे हैं और सरेआम फिरौतियां वसूली जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का ध्यान जनता की सुरक्षा पर नहीं, बल्कि केवल अपनी कुर्सी बचाने पर है। अकाली दल को बदनाम करने की साजिश: हरसिमरत कौर बादल ने दावा किया कि सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए शिरोमणि अकाली दल को निशाना बना रही है और धार्मिक मामलों में बेवजह दखल दे रही है। उन्होंने कहा, “जो भी सरकार से सवाल पूछता है, उसके खिलाफ केस दर्ज कर दिए जाते हैं।” 2027 का चुनाव और जनता का रुख: अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब की जनता अब इन राजनीतिक चालों को समझ चुकी है। बादल ने दावा किया कि प्रदेश के लोग 2027 के विधानसभा चुनावों में शिरोमणि अकाली दल को सत्ता सौंपने का मन बना चुके हैं, और इसी डर से सरकार अकाली दल को बदनाम करने की साजिशें रच रही है।


