हरियाणा के 50 गांवों के किसान जल लेकर खनौरी पहुंचे:इसी जल को ग्रहण करेंगे डल्लेवाल, 11 से शुरू होगी किसान महापंचायतें

पंजाब और हरियाणा के खनौरी बॉर्डर पर आज (चार फरवरी को) हरियाणा के पचास गांवों के किसान अपने खेतों का जल लेकर खनौरी बॉर्डर पर पहुंचे। वहीं, 71 दिन से आमरण अनशन पर चल चल रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल यही जल ग्रहण करेंगे। क्योंकि वह पानी के अलावा कुछ नहीं खा-पी रहे हैं। वहीं, आने वाले दिनों में अन्य इलाकों से पानी लेकर किसान खनौरी बार्डर पर पहुंचेंगे। दूसरी तरफ, किसान 11 से 13 फरवरी तक होने वाली किसान महापंचायतों में भी शामिल होने का न्योता दिया गया है। सभी बड़े किसान नेता गांव-गांव जाकर बैठकें कर रहे हैं, ताकि 14 तारीख को केंद्र सरकार के साथ होने वाली बैठक से पहले अपनी ताकत दिखा सकें। इन गांवों के लोग पहुंचे जल लेकर आज हरियाणा से नारनौंद, राजपुरा, माजरी, डिडवादी, सोहटी, फग्गू, धर्मपुरा, खैराती खेड़ा, दादू, तिलोकेवाला, बीसला, करनोली, खुंबर, जंडवाला, आयलकी, छिनौली, मटिण्डू, गोपालपुर, नौल्था, माजरा, खुराना, रोजखेड़ा, जुल्हेड़ा, ढाणी छतरिया, ढाणी ठोबा, तमसपुरा, भरपूर, लक्कड़वाली, चमराडा, माढ़ा, मस्तगढ़, खरल, लोधर, फतेहपुरी, फुलां, अकांवली, सुंदरनगर हमजापुर सहित 50 से अधिक गांवों के खेतों के जल लेकर किसान मोर्चे पर पहुंचे थे। इन किसानों में काफी उत्साह था। उनका कहना था कि वह संघर्ष में पूरा सहयोग करेंगे। केंद्र सरकार के समक्ष किसान करेंगे बैठक फसलों के एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत 13 मांगों को लेकर पंजाब और हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर फरवरी से किसानों का आंदोलन चल रहा है। यह संघर्ष संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले चल रहा है। वहीं, सोमवार को दोनों मोर्चों की बैठक हुई। इसमें महापंचायतों के प्रबंधों को लेकर रणनीति तैयार की गई। जबकि 14 फरवरी को केंद्र सरकार के साथ होने वाली बैठक में किसान किस रणनीति के साथ जाएंगे, यह बाद में बनाई जाएगी। 11 फरवरी को रतनपुरा मोर्चा पर महापंचायत होगी, जबकि 12 फरवरी को खनौरी बॉर्डर और 13 फरवरी को शंभू मोर्चा पर किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। 11 फरवरी को फिरोजपुर जाएंगे किसान किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने लोगों से आह्वान किया है कि वे बड़ी संख्या में इन महापंचायतों में शामिल हों। खास तौर पर युवा और महिलाएं भी अपने घरों से बाहर निकलें। ताकि इस लड़ाई को सफल बनाया जा सके। इन महापंचायतों से पहले किसान 11 फरवरी को फिरोजपुर में एसएसपी कार्यालय का घेराव करेंगे। किसान का कहना है कि साल 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले पीएम नरेंद्र मोदी पंजाब के दौरे पर आए थे। इस दौरान सुरक्षा चूक मामले में किसानों पर केस दर्ज किए गए हैं। जबकि किसान पीएम के नजदीक भी नहीं गए। किसानों ने लोगों से आह्वान किया है कि वे फिरोजपुर में बड़ी संख्या में पहुंचें। यह संघर्ष एसकेएम गैर राजनीतिक के समर्थक संगठन भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी पंजाब और क्रांतिकारी पेंडू मजदूर यूनियन पंजाब के बैनर तले चलेगा।

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