हरियाणा कैबिनेट मीटिंग आज, अनिल विज के आने पर संशय:CM समर्थकों को गद्दार बता चुके, 80 लाख की वॉल्वो छोड़ने के संकेत

हरियाणा में बजट सत्र तय करने के लिए सरकार की आज 11 बजे कैबिनेट मीटिंग होगी। इसकी अगुआई CM नायब सैनी करेंगे। कैबिनेट के फैसलों से ज्यादा इस बार सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि बिजली एवं परिवहन मंत्री अनिल विज इसमें शामिल होंगे या नहीं। विज फिलहाल CM नायब सैनी से नाराज हैं। वह CM के उड़नखटोले में घूमने से लेकर उनके समर्थकों की विरोधियों के साथ फोटो जारी कर गद्दार बता चुके हैं। यहां तक कि इसमें CM की फोटो पर ही गद्दार का ठप्पा लगा हुआ था। विज के करीबियों में चर्चा है कि अगर विज की नाराजगी दूर नहीं की गई तो वह सरकार से मिली 80 लाख की VOLVO गाड़ी भी लौटा सकते हैं। 2 दिन पहले रोहतक में इसके संकेत देते हुए विज ने कहा था- मैंने मंत्रियों वाली कोई सहूलियत नहीं ली। कोठी भी नहीं ली। एक कार है, वर्कर कहते हैं कि सरकार उसे वापस ले लेगी तो हम दे देंगे। सरकार से क्यों नाराज हुए अनिल विज, 5 पॉइंट्स में जानिए… 2024 के चुनाव में कड़े मुकाबले में फंसे विज
अनिल विज ने BJP की टिकट पर अंबाला कैंट से चुनाव लड़ा। पहली बार यहां विज कड़े मुकाबले में फंसे। उन्हें पूर्व कांग्रेसी मंत्री निर्मल सिंह की निर्दलीय उम्मीदवार बेटी चित्रा सरवारा टक्कर दे रहीं थी। विज 2019 के चुनाव में चित्रा को 20,165 वोटों से हराया था लेकिन इस बार यह मार्जिन महज 7,277 रह गया। ऐसे में विज ने शक जाहिर किया कि उन्हीं की पार्टी के लोगों ने उन्हें हराने के लिए चित्रा सरवारा का साथ दिया। जीत के बाद कहा- मेरे खिलाफ साजिश हुई, सरकार ने एक्शन नहीं लिया
अनिल विज चुनाव जीतने के बाद मंत्री भी बन गए। इसके बाद अंबाला कैंट के धन्यवादी दौरे में अनिल विज ने अधिकारियों से लेकर अपनी पार्टी के नेताओं पर सवाल खड़े किए। विज ने कहा कि अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए। उनकी हत्या की साजिश रची गई। उन्हें हराने के लिए लोगों को चित्रा सरवारा का कैंप जॉइन कराया गया। विज ने सरकार से अंबाला DC पार्थ गुप्ता पर कार्रवाई की मांग की, जो चुनाव के वक्त जिला चुनाव अधिकारी थे। मगर, सरकार ने 100 दिन के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया। अनिल विज ने ग्रीवेंस कमेटी में न जाने से लेकर मंत्री पद छीनने की बात कही
इसके बाद अनिल विज ने 20 जनवरी को कहा कि अब मैं ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में शायद न जाऊं। हमारे आदेशों का पालन नहीं हो रहा। अंबाला कैंट विधानसभा क्षेत्र के कामों के लिए डल्लेवाल (किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल) की तरह अनशन भी करूंगा। 31 जनवरी को विज ने कहा- जिन लोगों ने मुझे चुनाव हराने की कोशिश की, चाहे वह अधिकारी थे, कर्मचारी थे या छुटभैये नेता थे। मैंने इन सबके बारे में लिखकर दिया। 100 दिन हो चुके हैं, इस मामले में न तो मुझसे पूछा गया, न ही कोई कार्रवाई हुई। 1 फरवरी को विज ने कहा- मैं कुछ नहीं बोलता, मेरी क्या हैसियत है। मैं जो बोलता हूं, आत्मा से बोलता हूं और आत्मा की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। 2 फरवरी को विज ने रोहतक में कहा- मैंने न कभी मुख्यमंत्री का पद मांगा और न मंत्री का। मंत्री रहते हुए भी मैंने कोई आवास नहीं लिया। अगर अब इस पद को कोई छीनना चाहता है तो बेशक छीन ले, मुझे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है, लेकिन मेरी सीनियरिटी और मेरी विधायकी नहीं छीन सकते। कैबिनेट मीटिंग से एक दिन पहले सीधे CM पर अटैक
सरकार ने अनिल विज को मनाने के लिए अंबाला DC पार्थ गुप्ता को हटा दिया। मगर, विज इससे खुश नहीं हुए। उन्होंने कहा- सरकार के 100 दिन होने के बाद डीसी बदले या न बदले, कोई फर्क नहीं पड़ता। मैंने चुनाव होते ही कहा था कि अधिकारियों ने मेरे खिलाफ काम किया है। इसके बाद 3 फरवरी को विज ने सोशल मीडिया पर 17 तस्वीरों का 52 सेकेंड का वीडियो बनाकर डाल दिया। जिसमें दावा किया कि CM के साथ घूमने वाले नेता उनके खिलाफ चुनाव लड़ने वाली चित्रा सरवारा के साथ घूम रहे हैं। विज ने इन्हें गद्दार कहा। विज ने बैकग्राउंड में ‘ क्या मिलिए ऐसे लोगों से जिनकी फितरत छुपी रहे, नकली चेहरा सामने आए, असली सूरत छुपी रहे’ गाना लगाया। सरकार की हर कार्रवाई विज को नहीं मना पाई
विज की नाराजगी देख सरकार ने पहले अंबाला DC पार्थ गुप्ता को हटाया। इसके बाद सिरसा में हैफेड मैनेजर मुकेश कुमार को चार्जशीट कर दिया। विज की नाराजगी पर सीएम नायब सैनी ने भी कहा कि अनिल विज हमारे नेता हैं। पार्टी के नेता हैं। उनको क्या हुआ होगा, मुझे इस बारे में मालूम नहीं है। नायब सैनी से पहले भी 2 बार टकराव हुआ
अनिल विज का नायब सैनी के मुख्यमंत्री बनने से पहले भी टकराव रहा। दरअसल, नायब सैनी जब अंबाला में BJP के अध्यक्ष थे तो भी विज की नाराजगी उनसे बनी रही। विज ने इस बात पर एतराज किया था कि उनकी सहमति के बगैर उनके अंबाला कैंट में मीटिंग क्यों की जा रही है। वहीं नायब सैनी 2014 की खट्‌टर सरकार में राज्य मंत्री थे। वह नारायणगढ़ से विधायक थे। वहीं विज अंबाला कैंट से विधायक और सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। अंबाला कैंट और नारायणगढ़ विधानसभा साथ में सटी हुई है। ऐसे में नायब सैनी ने अंबाला कैंट के रेस्ट हाउस में जनता दरबार लगाना शुरू कर दिया। विज भी तब जनता दरबार लगाते थे। सैनी के दरबार से विज नाराज हो गए और उन्होंने रेस्ट हाउस में सैनी का जनता दरबार परमानेंट बंद कर दिया। ****************** अनिल विज से जुड़ी ये खबरें भी बढ़ें.. अनिल विज, जिन्होंने अपनी BJP सरकार मुश्किल में फंसाई:धरने के लिए दरी लेकर चलते थे अनिल विज ने 5 दिन से अपनी ही पार्टी, BJP की सरकार को मुश्किल में डाल रखा है। उनके टारगेट पर एक तरफ CM नायब सैनी हैं तो दूसरी तरफ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली हैं (पूरी खबर पढ़ें) विज ने CM की फोटो पर गद्दार का ठप्पा लगाया:सैनी समर्थकों की चित्रा सरवारा संग 17 तस्वीरें जारी की; नीचे 6 बार लिखा गद्दार-गद्दार विज ने इन तस्वीरों को वीडियो के रूप में जारी करते हुए बैकग्राउंड में ‘ क्या मिलिए ऐसे लोगों से जिनकी फितरत छुपी रहे, नकली चेहरा सामने आए, असली सूरत छुपी रहे’ गाना लगाया (पढ़ें पूरी खबर)

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