हरियाणा में कारोबारियों को हनीट्रैप में फंसाने की कहानी:इंस्टाग्राम-फेसबुक पर लाइक-कमेंट, फ्रेंडशिप कर चैटिंग, मिलने बुलाकर ब्लैकमेलिंग, 19 लाख के चक्कर में फंसे

हरियाणा में लग्जरी लाइफ के लिए रुपए कम पड़े तो लिव इन पार्टनर ने कारोबारियों को हनीट्रैप में फंसाना शुरू कर दिया। कारोबारियों को फंसाने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया। वे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अमीर कारोबारियों को ढूंढते। पहले उनकी पोस्ट पर लाइक-कमेंट करते। फिर चैटिंग करते और आखिर में नंबर एक्सचेंज कर मिलने बुला लेते। इसके बाद कभी भाई तो कभी फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर रेप केस में फंसाने, वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपए ऐंठते। 4 साल से यह गैंग चल रहा था। कारोबारी लुट रहे थे। मगर, बड़ा हाथ मारने के चक्कर में उन्होंने एक कारोबारी से 19 लाख ले लिए, जिसके बाद गैंग पकड़ा गया। अब इस गैंग की पूरी कहानी सामने आ गई है। हिसार की मंजीत का पति जेल गया, ऐश की जिंदगी के लिए लिव इन में रहने लगी
हिसार के हांसी की रहने वाली मंजीत ढिल्लों का पति हत्या के केस में फंस गया। वह जेल चला गया। इसके बाद मंजीत का संपर्क जींद के शामदो के रहने वाले सुखविंद्र सिंह उर्फ कीडू से हुआ। कीडू आपराधिक किस्म का व्यक्ति है। उस पर हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट, धमकी देने जैसे कई केस दर्ज हैं। मगर, वह लग्जरी लाइफ का शौकीन है। दोनों की मुलाकात नजदीकी में बदल गई। मंजीत और कीडू लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। धीरे-धीरे मंजीत ने परिवार से नाता तोड़ लिया। दोनों ने ऐश की जिंदगी गुजारनी शुरू कर दी। इससे मंजीत को भी लग्जरी लाइफ का शौक चढ़ गया। लग्जरी शौक पूरे करते-करते रुपयों का संकट पैदा हो गया। मंजीत को ऐशोआराम के लिए पैसा चाहिए था तो सुखविंद्र कीडू को कोर्ट पेशियों में वकीलों का खर्च उठाना पड़ता था। कोरोना काल में रुपए कम पड़े तो हनीट्रैप गैंग बना लिया
साल 2021 में जब कोरोना काल आया तो इनको लग्जरी लाइफ के लिए पैसे मिलने बंद हो गए। इस पर दोनों ने प्लान बनाया कि बड़े लोगों को हनीट्रैप के केस में फंसाएंगे। फिर उनसे पैसा ऐंठ लेंगे। ज्यादातर बड़े कारोबारी या ऐसे इज्जतदार लोग अपने साथ हुई ठगी के बारे में कुछ कहने से बचते हैं। इसलिए उनका धंधा चलता रहेगा। इसके बाद प्लानिंग बनी कि बड़े कारोबारियों को कैसे फंसाएं। उनके नंबर मिलने भी इतने आसान न थे। इसके लिए सोशल मीडिया पर बातचीत में एक्सपर्ट लड़की चाहिए थी। मगर, कोई लड़की उनके साथ क्यों काम करे, इसलिए मंजीत नरवाना आई तो उसे वहां दनौदा की निवासी रीना मिली। रीना को पैसों की जरूरत थी। मंजीत को यह पता लगा तो उसने उसे भी गैंग में साथ मिला लिया। इसके बाद पैसों के लालच में खरल का रहने वाला संदीप भी उनकी गैंग में जुड़ गया। इंस्टाग्राम-फेसबुक पर टारगेट ढूंढते, फिर उन्हें फंसाकर मिलने बुलाते
इसके बाद संदीप और कीडू मिलकर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर टारगेट ढूंढते थे। इसके लिए क्राइटेरिया फिक्स था कि आदमी पैसे वाला होना चाहिए और समाज में भी उसका रसूख होना चाहिए, ताकि जरा सी बेइज्जती पर भी उसे डर लगे। उनके प्रोफाइल के बारे में रीना को बताया जाता। इसके बाद रीना पहले उनको फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती। उनकी पोस्ट या फोटो को लाइक करती। फिर चैटिंग करती। इसके बाद दोनों मोबाइल नंबर एक-दूसरे को दे देते। कुछ दिन की चैटिंग और मोबाइल पर बातचीत के बाद रीना उन्हें मिलने के लिए बुला लेती। मुलाकात के बाद कभी फर्जी रेड तो कभी वीडियो बना ब्लैकमेल करते
इसके बाद जैसे ही कारोबारी रीना से मिलता तो उसकी वीडियो बना लेते या फिर चैटिंग के आधार पर कारोबारी को धमकाने लगते। आरोपी कभी रीना का भाई तो कभी पुलिस वाला बनकर शिकायत करने की धमकी देते। वीडियो या चैटिंग वायरल करने को लेकर धमकाते। अगर इससे भी कोई नहीं डरता तो रीना उसे रेप केस में फंसाने की धमकी देती, जिससे कारोबारी डर के मारे रुपए दे देता। कारोबारी को वीडियो वायरल करने की भी धमकी दी जाती। 4 साल बाद कैसे पकड़ में आए, जानिए… नरवाना के कारोबारी को फंसाया
ठगी के बाद पकड़े नहीं गए तो कीडू और मंजीत का हौसला बढ़ गया। अब उन्होंने बड़ा हाथ मारने की प्लानिंग की, जिसमें उन्होंने नरवाना के एक कारोबारी को रीना के जरिए फंसा लिया। बातचीत के बाद रीना ने कारोबारी को मिलने बुलाया। 15 अप्रैल को कारोबारी रीना को लेकर बाइक पर बेलरखां से नरवाना आ रहा था। तभी तय साजिश के तहत कीडू और मंजीत भी साथियों के साथ कार में रेलवे फ्लाईओवर पर पहुंच गए। रेप केस में फंसाने की धमकी दी
उन्होंने कारोबारी को जबरन उठाकर कार में डाल लिया। उसके साथ मारपीट की। उसे नहर की तरफ ले गए। कार में मंजीत भी बैठी थी। आरोपियों ने कहा कि मंजीत कौर SHO है। उसने रीना के साथ रेप किया है। उस पर रेप का केस दर्ज होगा। उसका वीडियो भी वायरल कर दिया जाएगा। इस पर कारोबारी डर गया। उसने मिन्नतें कीं तो आरोपियों ने कहा कि अगर केस से बचना है तो 20 लाख रुपए देने होंगे। जानकार से लेकर 19 लाख रुपए दिए
इससे कारोबारी डर गया कि अगर रेप का केस हो गया तो बेइज्जती होगी। उसने अपने जानकार आढ़ती से बात की। अर्जेंट में 20 लाख मांगे। आढ़ती के पास 19 लाख ही थे। कारोबारी ने वही अपने अकाउंट में मंगवा लिए। फिर नरवाना से बैंक की ब्रांच से कैश निकालकर आरोपियों को दे दिया। आरोपी उसे अपोलो चौक पर उतारकर फरार हो गए। इतनी बड़ी रकम गंवाने के बाद कारोबारी परेशान था। कार ट्रेस कर पुलिस ने पांचों पकड़े
आखिर में अगले ही दिन यानी 16 अप्रैल को उसने पुलिस को शिकायत कर दी। इतनी बड़ी रकम की ठगी देख SP राजेश कुमार ने स्पेशल टीम बना दी, जिसके बाद CIA की टीम आरोपियों के पीछे लग गई। आखिर में आरोपियों की i20 कार के नंबर से ट्रेस कर पुलिस ने उन्हें ट्रेस कर लिया। जींद की नरवाना पुलिस ने गिरोह के सदस्यों शामदो गांव निवासी सुखविंद्र उर्फ कीडू, खरल निवासी संदीप, अनिल उर्फ नील, हांसी कुलाना फार्म निवासी मंजीत ढिल्लों उर्फ पिंकी और दनौदा खुर्द निवासी रीना को अरेस्ट कर लिया।

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