हरियाणा में वन्यजीव तस्करों पर CBI का छापा:तेंदुए-ऊदबिलाव की खालें बरामद; 4 तस्कर पकड़े, 30 करोड़ कीमत, नेपाल से जुड़े तार

हरियाणा में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की छापेमारी से हड़कंप मच गया। सीबीआई ने ये छापा पिंजौर में वन्यजीव तस्करों के खिलाफ मारा। छापेमारी में पिंजौर से तेंदुए की दो खाल, ऊदबिलाव की खाल और पैंगोलिन के शल्क बरामद हुए। सीबीआई की टीम ने गिरोह के चार तस्करों को भी गिरफ्तार किया। सीबीआई टीम के अधिकारियों का कहना है, यह तस्करी का संगठित नेटवर्क हो सकता है। उन्होंने बताया कि वन्यजीवों के अंगों के अवैध व्यापार के बारे में सूचना मिलने पर यह कार्रवाई की गई। सीबीआई की टीम ने यह कार्रवाई खुफिया सूचना पर की है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की वाइल्ड लाइफ क्राइम यूनिट इकाई ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) के अधिकारियों के साथ मिलकर 3 फरवरी को तड़के एक स्पेशल ऑपरेशन के तहत अवैध शिकार और वन्यजीव व्यापार से जुड़ी महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन के दौरान हरियाणा के पिंजौर में एक वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें से वन्यजीव अंग बरामद किए गए। बरामद खालों की 30 करोड़ कीमत सूचना के आधार पर सीबीआई की टीम ने पिंजौर में छापेमारी की, जहां तेंदुए की दो खाल, तेंदुए के नौ दांत, 25 पंजे, जबड़े के टुकड़े, ऊदबिलाव की तीन खाल और पैंगोलिन के शल्क जब्त किए गए। वन्य जीव अधिकारियों का कहना है कि एक तेंदुए के खाल की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 10 करोड़ रुपए है। सीबीआई ने जो वन्यजीव की खालें और अन्य सामान बरामद हुआ है उसकी करीब 30 करोड़ रुपए कीमत बताई जा रही है। नेपाल में दर्ज हो चुका केस सीबीआई प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि तीन आरोपियों पीरदास, वजीरा और राम दयाल को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया तथा गिरोह के एक अन्य सदस्य रोहतास को कालका रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों में से एक के खिलाफ पहले भी वन्यजीव अपराध के संबंध में नेपाल पुलिस द्वारा आरोप पत्र दाखिव किया जा चुका है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-एक के तहत कार्रवाई की गई। यह कानून लुप्तप्राय प्रजातियों के शिकार पर रोक लगाता है तथा अपराधियों के लि सख्त सजा का प्रावधान करता है।

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