ACB ने हरियाणा से आई पुलिस की टीमों से अलग-अलग कार्रवाई में 9 लाख रुपए बरामद किए हैं। ACB को इनपुट था कि हरियाणा के गुड़गांव और सिरसा से दो टीमें जोधपुर और राजसमंद आई हैं। ये टीमें आरोपियों को धमका कर रुपए वसूल कर रहीं हैं। ऐसे में, ACB की एक टीम ने जोधपुर में कार्रवाई में गुड़गांव क्राइम ब्रांच का ASI अरेस्ट किया है। ASI के पास से 3 लाख मिले हैं। वहीं दूसरी कार्रवाई में कुचामन-डीडवाना में 6 लाख बरामद किए। रकम जब्त कर ली गई है और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। मामला डीडवाना कुचामन के कुचामन सिटी थाना क्षेत्र के त्रिशिंगिया इलाके की है। कार्रवाई ACB की अजमेर इकाई ने की देर रात की है। वहीं दूसरी कार्रवाई एसीबी की जोधपुर ग्रामीण इकाई ने की है। SI बैठे थे, कार से 6 लाख मिले ACB एसपी महावीर सिंह ने बताया- कार्रवाई में सिरसा थाने की साइबर टीम पर की गई। यह टीम राजसमंद से आ रही थी, इसमें सिरसा साइबर क्राइम थाने के SI सुरेंद्र सिंह सवार थे। इस कार (HR 24 GV 2222) को कुचामन के पास रोककर तलाशी ली गई। इस कार से उनसे 6 लाख रुपए बरामद हुए हैं। राशि के बारे में जब उनसे पूछा गया तो ये कोई संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं दे सके। जिसपर यह राशि संदिग्ध मानते हुए जब्त कर लिया गया है। कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है उसके बाद मुख्यालय से मामला दर्ज होकर इसकी जांच की जाएगी। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। ASI मदद के लिए 3 लाख लेता पकड़ा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया- एसीबी की जोधपुर ग्रामीण इकाई को एक शिकायत मिली थी। शिकायत में बताया गया था कि हरियाणा पुलिस का एएसआई प्रवीण एक मामले में मदद करने और पुलिस रिमांड में परेशान न करने के बदले 3 लाख रुपए की डिमांड कर रहा था। एसीबी की जोधपुर ग्रामीण इकाई ने शिकायत मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया। योजना के अनुसार, परिवादी को रिश्वत की रकम के साथ भेजा गया और जैसे ही प्रवीण ने 3 लाख रुपए की रिश्वत ली, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस सोनी ने बताया कि परिवादी का मामा वाहन चोरी से संबंधित मामले में क्राइम ब्रांच की कस्टडी में है। पीड़ित को गुरुग्राम क्राइम ब्रांच अनुसंधान के लिए जोधपुर लेकर आई थी और इसी दौरान उसे रिमांड पर परेशान नहीं करने और केस में मदद करने के नाम पर पैसे मांगे गए जिसकी परिवादी ने कल शिकायत की थी। शिकायत सत्यापन में सही पाई गई। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया।


