हरीश ने कहा -:कांग्रेस के बायलॉज में संगठन मंत्री का पद ही नहीं है, तो नियुक्ति कैसे कर दी

कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) की मीटिंग में पीसीसी द्वारा जिलों में की गई संगठन मंत्री की नियुक्ति का मामाला उठा। इस पर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने साफ कर दिया कि कांग्रेस के बायलॉज में संगठन मंत्री का कोई पद ही नहीं है, तो नियुक्ति कैसे कर दी गई। कांग्रेस में जनरल सेक्रेटरी ऑर्गनाइजेशन (जीओएस) का पद है, जिस पर प्रदेश व जिले में नियुक्ति की जाएं। दरअसल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जिलों में संगठन मंत्री नियुक्त कर दिए थे जिनकी नियुक्ति प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने निरस्त कर दिया था और कहा था कि नियुक्तियों में पहले एआईसीसी से अप्रूवल लिया जाए, उसके बाद नियुक्तियां की जाएं। सदस्यों ने बैठक के नियमित होने पर ही आपत्ति जताई। इस पर कहा गया कि सुनिश्चित किया जाए कि हर महीने बैठक समय से हो जाए। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्हीं ब्लाकों में नियुक्ति की जाए जो रेगुलर हैं। चौधरी ने कहा कि कौन से कांग्रेस के रेगुलर ब्लॉक हैं, कौन से नहीं है, इस बारे में एआईसीसी निर्णय लेगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल ने इंदौर जिले का अध्यक्ष विपिन वानखेड़े के बनाने पर आपत्ति जताई। सदस्यों के सवाल… प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के जवाब हर विधानसभा में 25 हजार सक्रिय सदस्य हों, जिनमें से प्रत्येक से 100 रुपए लिए जाएं। इससे विधानसभा में 25 लाख रुपए इकट्ठा होंगे, इस राशि का जिले में उपयोग किया जाएगा?
– यह विश्लेषण हो जाएगा कि विधानसभा में पार्टी के 25 हजार सदस्य ऐसे हैं जो 100-100 रुपए दे सकें। अन्यथा इस संख्या को कम भी किया जा सकेगा।
नरेला विस में 1-1 घर में 100-100 लोग हैं, इसे देखा जाना चाहिए?
– एक-एक घर में 100-100 वोटर अभी से नहीं, पहले से हैं तो इस मसले पूर्व में जो बीएलओ रहा है और जो एसडीएम थे उन्होंने कैसे सत्यापित किए। इस बारे में चुनाव आयोग से मुलाकात कर उन पर कार्रवाई करने का आग्रह किया जाए। कांग्रेस ने सेंट्रल ऑ र्गनाइजेशन में जो नई नियुक्तियां की हैं, वह तो ठीक है, जिन्हें हटाया गया है, उन्हें भी एडजेस्ट किया जाए?
– इस बारे में एआईसीसी निर्णय लेगी और उन्हें जल्दी ही प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर जबावदारी दी जाएंगी। कांग्रेस के एसआईआर प्रभारी सज्जन सिंह वर्मा, इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच में जाने की जरूरत है। ये कैंपेन बडे़ स्तर पर चलाया जाना चाहिए?
– यह बंद कमरे में बैठकर नहीं हो सकता, मैदान में तो जाना ही चाहिए। जो राशि जमा होगी, उसका 50 प्रतिशत हिस्सा पीसीसी में जमा हो, जो इलेक्शन के समय रिलीज करें ?
– 7 दिसंबर को होने वाली बैठक में तय करेंगे। फंड कलेक्शन किस तरह हो।

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