पेयजल सप्लाई पाइपलाइन में कहीं भी लीकेज की समस्याएं आती हैं तो तुरंत मालूम चल जाएगा। लीकेज होने पर सड़कों को जगह-जगह उखाड़ना नहीं पड़ेगा। जीआईएस मैपिंग से सही लोकेशन पर खुदाई करते हुए लीकेज को ठीक किया जा सकेगा। लीकेज ढूंढने में लगने वाले समय की बर्बादी भी बचेगी। भास्कर न्यूज|लुधियाना शहर में पहले बिछी पेयजल सप्लाई की सही से मैपिंग नहीं है और इसके लीकेज का जल्दी से पता तक नहीं चल पाता है और लोगों के घरों में गंदा पेयजल सप्लाई होने की समस्याएं निगम हद में काफी है। लेकिन, अब शहर की सड़कों पर नई पेयजल सप्लाई पाइप लाइनें बिछाने का काम शुरू हो चुका है और ये कार्य नहरी पानी सप्लाई प्रोजेक्ट के तहत चल रहा है। पुरानी गलतियां न दोहराते हुए इस बार नई पेयजल सप्लाई लाइनों के साथ जीआईएस मैपिंग भी शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में कहीं भी पेयजल सप्लाई लीकेज की समस्याएं आती हैं तो सड़कों को जगह-जगह से उखाड़ना नहीं पड़ेगा और सही लोकेशन पर खुदाई करते हुए लीकेज को ठीक किया जा सकेगा। इसकी पुष्टि मेयर इंद्रजीत कौर ने जोन-डी कार्यालय में रिव्यू मीटिंग के दौरान की है। उन्होंने बताया कि लुधियाना शहर के लिए बड़ी राहत की खबर है। विश्व बैंक और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक की मदद से चल रही नहरी पानी सप्लाई प्रोजेक्ट में तेजी से प्रगति देखने को मिली है और महज 11 महीनों में ही 22 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल कर ली गई है। मेयर ने अधिकारियों को काम तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तय समय सीमा के भीतर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को पूरा करना प्राथमिकता है। खुदी सड़कों को 20 दिनों में दुरुस्त करने के आदेश: मेयर ने प्रोजेक्ट के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदी सड़कों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि सभी खुदी सड़कों को 20 दिनों के भीतर मोटर-गाड़ियां चलाने योग्य बनाया जाए। मेयर ने कहा कि मौसम अनुकूल होते ही पैचवर्क शुरू किया जाए और भविष्य में भी यह सुनिश्चित किया जाए कि खुदी सड़कें जल्द से जल्द दुरुस्त हों ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा अब ये सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जिस भी इलाके में नहरी पानी सप्लाई प्रोजेक्ट के तहत काम चलेगा, वहां पर स्पेशल तौर पर अधिकारियों के नंबरों के बोर्ड लगाए जाएंगे और प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी बोर्ड पर पब्लिश होगी ताकि लोगों को भी पता चले कि आखिर खुदाई किस लिए हो रही है। वहीं, इलाका पार्षद को भी खुदाई से पहले अधिकारी सूचना देंगे ताकि किसी प्रकार की समस्याएं न आ सकें। शहर के 95 वार्डों में कुल 76 ओवरहेड टैंक से पेयजल सप्लाई होनी है। इनमें से 55 नए ओवरहेड टैंक बनाए जा रहे हैं, जो शहर के विभिन्न हिस्सों में बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा साहनेवाल के पास बिलगा गांव में प्रस्तावित विश्वस्तरीय जल शोधन संयंत्र के कार्यों की भी समीक्षा की। अधिकारियों को इन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। यह नहरी पानी सप्लाई प्रोजेक्ट पंजाब सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसे नगर निगम लुधियाना पंजाब म्यूनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी के तकनीकी सहयोग से लागू कर रहा है। इस परियोजना का पहला चरण 1305 करोड़ रुपये की लागत (सिविल लागत) से पूरा किया जा रहा है और इसकी समय सीमा फरवरी 2028 तय की गई है। प्रोजेक्ट को लेकर अब हर पखवाड़े समीक्षा बैठक की जाएगी। इससे काम की गति पर नजर रखी जाएगी और किसी भी तरह की देरी को तुरंत दूर किया जाएगा।


