हल्दीराम की दिल्ली-नागपुर यूनिट का मर्जर पूरा:CEO बोले- हल्दीराम का नया अध्याय शुरू हुआ, अब इसे ग्लोबल मार्केट में पहुंचाएंगे

दिल्ली बेस्ड हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड और नागपुर बेस्ड हल्दीराम फूड्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड का मर्जर हो गया है। कंपनी के सीईओ कृष्ण कुमार चुटानी ने सोमवार 7 अप्रैल को इसकी जानकारी दी। चुटानी ने कहा- हल्दीराम की कहानी में एक नया अध्याय शुरू हुआ है, और यह एक महत्वपूर्ण अध्याय है। हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हल्दीराम के दिल्ली और नागपुर के FMCG बिजनेस एक साथ मिलकर हल्दीराम स्नैक्स फूड प्राइवेट लिमिटेड (HSFPL) बन गए हैं। CEO बोले- मर्जर से विकास के रास्ते खुलेंगे हल्दीराम के सीईओ ने कहा कि इस विलय से विकास, सहयोग और नेतृत्व के नए रास्ते खुलेंगे। कंपनी के पार्टनर्स और वंडर्स के लिए इस विलय का मतलब है “गहरे रिश्ते और व्यापक अवसर। उन्होंने कहा कि मर्जर का उद्देश्य हल्दीराम को भारतीय रसोई से ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाना है। यह विलय हल्दीराम द्वारा अमेरिकी कंपनी अल्फा वेव ग्लोबल और यूएई स्थित इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी से निवेश की घोषणा के कुछ दिनों बाद प्रभावी हुआ है। इसके अलावा, सिंगापुर स्थित टेमासेक ने पिछले महीने इंडियन पैकेज्ड फूड मैन्युफैक्चरर में माइनोरिटी स्टेक खरीदी थी। तीन फैमिली एनटीटी हल्दीराम ब्रांड ऑपरेट करती है भारत में हल्दीराम ब्रांड का संचालन दिल्ली, नागपुर और कोलकाता में स्थित तीन अलग-अलग फैमिली एनटीटी द्वारा किया जाता है। हालांकि, दिल्ली और नागपुर फैमिली ने अपने FMCG बिजनेस हल्दीराम स्नैक्स और हल्दीराम फूड्स इंटरनेशनल को एक सिंगल एनटीटी, हल्दीराम स्नैक्स फूड्स प्राइवेट लिमिटेड में मर्ज कर दिया है। हल्दीराम रेस्टोरेंट की एक चेन भी ऑपरेट करता है पैकेज्ड स्नैक्स के अलावा, हल्दीराम रेस्टोरेंट की एक चेन भी ऑपरेट करता है। कंपनी 500 प्रकार के स्नैक्स, नमकीन, मिठाइयां, रेडी टू ईट और प्री-मिक्स्ड फूड आइटम्स बेचती है। हल्दीराम ने वित्त वर्ष 24 में 12,800 करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल किया था। स्नैक मार्केट 13% हिस्सेदारी, 1937 में हुई थी शुरुआत यूरोमॉनिटर इंटरनेशनल के अनुसार, भारत के 6.2 अरब डॉलर के स्नैक मार्केट में हल्दीराम की लगभग 13% हिस्सेदारी है। इसके स्नैक्स सिंगापुर और अमेरिका जैसे विदेशी बाजारों में भी बेचे जाते हैं। कंपनी के पास लगभग 150 रेस्तरां हैं। इसकी शुरुआत 1937 में एक दुकान से हुई थी।

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