भास्कर संवाददाता | दमोह स्थानीय कंकाली माई धाम स्थित श्री विंध्यवासिनी माता मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ का शुक्रवार को विधिवत समापन हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, पूर्णाहुति एवं महाआरती के साथ यज्ञ की पूर्णता संपन्न हुई। तीन दिवस तक क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। आचार्य वेदांताचार्य महाराज, प्रधानाचार्य यज्ञकर्ता पंडित राम गोपाल दोदेरिया ने बताया कि प्रतिदिन शतचंडी पाठ, हवन-यज्ञ एवं विशेष पूजन संपन्न हुए। अंतिम दिन कन्या पूजन, ब्राह्मण भोज एवं भंडारे का आयोजन किया गया था। यज्ञ का आयोजन जनकल्याण, शांति एवं समृद्धि की कामना को लेकर हुआ। आचार्यों ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, एकता एवं आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम के अंत में मां विंध्यवासिनी से क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की गई। इस महायज्ञ में मातृशक्ति एवं क्षेत्रवासियों की सहभागिता रही। यज्ञ के ब्रम्हा पंडित कमलेश तिवारी, सहयोगी डॉ. अशोक मिश्रा, सतीश तिवारी, पंडित चंद्र गोपाल पौराणिक, आशीष कटारे, पप्पू दुबे, विवेक अग्रवाल, विकास मिश्रा, नीरज देवलिया, संजय सोनी, दिलीप गुजराती सहित अन्य रहे।


