हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद की पड़ताल:कैडर स्ट्रेन्थ 2579; भर्ती नहीं कर रहा JDA, 429 डेपुटेशन, 136 रिटायर कर्मियों के भरोसे

राज्य सरकार ने जेडीए का रीजन और कैडर स्ट्रेंथ तो बढ़ा दी, लेकिन कर्मचारी-अधिकारियों की कमी पूरा करने के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की। नतीजा, जेडीए को डेपुटेशन, संविदा कर्मियों और रिटायर कर्मचारियों के भरोसे ही काम चलाना पड़ रहा है। हाल में हाईकोर्ट ने भी जेडीए में कर्मचारियों की कमी और डेपुटेशन, संविदा पर लगे कर्मचारी अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर टिप्पणी की है। शहर के डेवलपमेंट का खाका तैयार करने वाले जेडीए में मैनपावर की कमी से आमजन के कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। 27 जोनों के साथ इंजीनियरिंग, इंफोर्समेंट, प्रशासनिक, वित्त शाखा, टाउन प्लानिंग, गार्डन, विधि शाखा और आईटी शाखा में स्वीकृत 2579 के मुकाबले 700 पद पर भी कर्मचारी अधिकारी लगे हैं, इनमें भी जेडीए सेवा के केवल 220 हैं, बाकी 428 डेपुटेशन और 136 कर्मचारियों के भरोसे जेडीए चल रहा है। करीब एक हजार कर्मचारी संविदा पर लगे हैं। मुख्य प्रशासनिक विंग में 1228 में से 957 पद खाली 2579 पदों की स्ट्रेंथ और 70 किमी के रीजन वाले जेडीए की मुख्य प्रशासनिक विंग में ही कर्मचारी अधिकारियों की सबसे ज्यादा किल्लत है। कैडर स्ट्रेंथ बढ़ाने के बाद प्रशासनिक विंग में 1228 पद स्वीकृत हैं, इनमें से 957 पद खाली पड़े हैं। इस विंग में केवल जेडीए सेवा के केवल 149 कर्मचारी लगे हैं। 102 डेपुटेशन और 112 रिटायर कर्मचारी ने प्रशासनिक विंग की कमान संभाल रखी है। 28 साल से कोई भर्ती नहीं हुई, खाली होता जा रहा जेडीए जेडीए की स्थापना 1982 में होने के बाद आखिरी भर्ती 28 साल पहले हुई थी। इसके बाद जेडीए में रीजन बढ़ने के साथ पदों की संख्या बढ़ती गई लेकिन नई भर्ती हुई ही नहीं। हाल में जेडीए ने बाबुओं की कमी को दूर करने के लिए डेपुटेशन पर कर्मचारी मांगे थे। राज्य सरकार को भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजा हुआ है लेकिन इस पर अभी तक कोई प्रक्रिया जारी नहीं हुई। डेपुटेशन, संविदा कर्मचारियों की जवाबदेही पर सवाल उठे सरकारी विभागों के कर्मचारी-अधिकारियों की जेडीए-निगम में डेपुटेशन पर रुचि रहती है। हाईकोर्ट ने डेपुटेशन पर लगे कर्मचारियों की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा था कि ये आते हैं और चले जाते हैं। अगस्त 2024 में एसीबी ने एक ही जोन में तहसीलदार, जेईएन, पटवारी और दलाल समेत डेपुटेशन पर 7 कर्मचारी अधिकारियों को रिश्वत लेते पकड़ा था। इसके बाद डेपुटेशन के कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे। सरकार को जल्द से जल्द नई भर्ती शुरू करनी चाहिए “जेडीए में 1990 के बाद कोई नई भर्ती नहीं हुई, जेडीए सर्विस के कर्मचारी अधिकारी गिने चुने बचे हैं। ये भी रिटायरमेंट के कगार पर हैं। सरकार ने रीजन बढ़ाने के साथ ही कैडर स्ट्रेंथ तो बढ़ा दी, लेकिन कर्मचारी-अधिकारी नहीं होने से एक अधिकारी के पास कई जोन अतिरिक्त प्रभार के भरोसे हैं। सरकार को जल्द से जल्द ही नई भर्ती शुरू करनी चाहिए।” -बाबूलाल मीणा, अध्यक्ष, जेडीए अधिकारी कर्मचारी परिषद

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *