भास्कर न्यूज | अमृतसर निकाय चुनाव के बाद मेयर चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में कांग्रेसी पार्षद श्वेता छाबड़ा द्वारा डाली गई कंटेंप्ट ऑफ हाईकोर्ट की याचिका पर वीरवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के जज पंकज जैन ने जालंधर डिवीजन कमिश्नर की ओर से चुनावों के समय करवाई गई वीडियोग्राफी को भी देखा। उस वीडियोग्राफी में साफ दिखा कि अधिकतर कांग्रेसी पार्षदों ने मेयर चुनाव के दौरान हाथ ही खड़े नहीं किए। जिस पर जज ने कहा कि मेयर चुनाव के दौरान पूरी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है। जज द्वारा स्पीकिंग आदेश में कहा गया कि सीडी में मेयर चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के पार्षदों द्वारा वोटिंग करने के लिए दो-दो हाथ खड़े किए जा रहे हैं। इसके अलावा विपक्षी पार्षदों की ओर कैमरा नहीं चलाया गया। चुनाव की प्रक्रिया के लिए हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों को नहीं अपनाया गया है। जज की ओर से जालंधर डिवीजनल कमिश्नर को एफिडेविट पेश करने के निर्देश दिए है। इस मामले में अब अगली तारीख 14 जनवरी 2026 को है। एडवोकेट करन पुरी और एडवोकेट राहुल भार्गव ने बताया कि हाईकोर्ट के न्यायाधीश पंकज जैन द्वारा स्पीकिंग आदेश में कहा गया है कि मेयर चुनाव की प्रक्रिया को लेकर पहले डिविजनल कमिश्नर जालंधर रेंज द्वारा राजनीतिक पार्टियों के मेयर उम्मीदवार घोषित किए जाते हैं। मेयर उम्मीदवार घोषित होने के उपरांत वोटिंग करवाने के लिए पार्षद ऑब्जर्वर लगाया जाता है। नगर निगम अमृतसर मेयर चुनाव के दौरान डिविजनल कमिश्नर द्वारा राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवार घोषित किए बिना ही पार्षद ऑब्जर्वर घोषित करके मेयर चुनाव करवा दिए गए। हाईकोर्ट के न्यायाधीश द्वारा इस संबंध में डिविजनल कमिश्नर जालंधर रेंज से एफिडेविट देकर जवाब मांगा है। बता दे कि 27 जनवरी 2025 को अमृतसर नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव हुए थे। इस चुनाव में जतिंदर सिंह मोती भाटिया को मेयर, प्रियंका शर्मा को सीनियर डिप्टी मेयर और अनीता रानी को डिप्टी मेयर चुना गया था।


