राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों और क्लासरूम को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। जस्टिस महेंद्र गोयल और जस्टिस अशोक कुमार जैन की अदालत ने मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल से कहा- आप स्वच्छ भारत मिशन की बात करते हो, लेकिन आप स्कूल में बच्चियों के लिए टॉयलेट की व्यवस्था भी नहीं कर पा रहे हैं। टॉयलेट की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बच्चियां स्कूल में पानी भी नहीं पीती, क्योंकि उन्हें बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है। हम बच्चों और समाज को जवाब नहीं दे पा रहे हैं। कोर्ट में सोमवार को झालावाड़ स्कूल हादसे को लेकर स्वप्रेरणा से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई थी। कोर्ट ने शिक्षा सचिव को निर्देश दिया कि वह मुख्य सचिव और वित्त सचिव से मिलकर बजट में इस फंड का प्रावधान करवाएं। कोर्ट ने कहा- यहां पेड़ भी गवाही देने आते हैं सुनवाई के दौरान शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल और निदेशक सीताराम जाट मौजूद रहे। शिक्षा सचिव ने कहा- हम इस मुद्दे पर चिंतित है। फिलहाल हम पेड़ों के नीचे और निजी भवनों में बच्चों की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने कहा- आप 7 महीने से क्या चिंता कर रहे हैं, वो दिख रहा है। सितंबर से आप यही जवाब देते आ रहे हैं। कई स्थानों पर तो पेड़ ही नहीं है, वहां आपने क्या व्यवस्था कर रखी है। कोर्ट ने कहा- आज समय पहले जैसा नहीं रहा है। वास्तविक स्थिति जानने के लिए इस तरह की तकनीक आ गई है कि यहां पेड़ भी गवाही देने आते हैं। शिक्षा सचिव बोले- केंद्र सरकार बजट नहीं दे रही शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने कहा- सभी सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों की मरम्मत और नई बिल्डिंग के निर्माण के लिए 20 हजार करोड़ रुपए की आवश्यकता है। केंद्र सरकार हमें बजट नहीं दे रही है। राज्य सरकार अपने स्तर पर सीएसआर फंड से बजट जुटा रही है। हमने एमपी-एमएलए फंड से भी 20 प्रतिशत राशि स्कूलों में देने का आदेश दिया है। इस पर कोर्ट ने कहा- फिर भी आप लोग फंड की व्यवस्था नहीं कर पाए। राजनेता सिर्फ ट्रांसफर पर ध्यान रखते हैं कोर्ट ने कहा- रातभर में सड़क तैयार हो जाती है, लेकिन आप बच्चों के लिए व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों से कहा- आप राजनेताओं की बात मत करो। राजनेता तो सिर्फ ट्रांसफरों पर ध्यान रखते हैं।
………… यह खबर भी पढ़ें… हाईकोर्ट ने कहा- अधिकारी आग से नहीं खेलें:झालावाड़ हादसे के बाद भी जर्जर भवन में चल रहे स्कूल, शिक्षा सचिव और निदेशक तलब झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद भी जर्जर भवनों में स्कूलों के संचालन को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। जस्टिस महेंद्र गोयल और जस्टिस अशोक जैन की अदालत ने मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा- विभाग के अधिकारी आग से नहीं खेलें। कोर्ट ने कहा- हमने जर्जर भवन में क्लासेज संचालित करने पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। इसके बाद भी बूंदी के भैंसखेड़ा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की छत गिरने की घटना हो गई। (पूरी खबर पढ़ें)


