रांची | झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के लिए जमीन उपलब्ध कराए जाने के बाद भी स्थायी बेंच का गठन नहीं करने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान आैर जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सुनवाई के बाद केन्द्र सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने केन्द्र सरकार को 18 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि कैट के लिए हाईकोर्ट के पास में ही दो एकड़ जमीन दी गई है। इस पर अदालत ने कहा कि जब जमीन उपलब्ध करा दी गई है तो अभी तक यहां स्थायी बेंच के गठन की प्रक्रिया शुरू क्यों नहीं की गई है। प्रार्थी प्रदीप कुमार की आेर से अदालत को बताया गया कि कैट की सर्किट बेंच झारखंड में होने के कारण केवल पांच दिनों तक मामले की सुनवाई हो पाती है। ऐसे में मुवक्किल एवं वकील दोनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। कई ट्रिब्यूनल की बेंच पटना एवं कोलकाता में हैं।


