विशेष संवाददाता।रांची झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को डीआईजी ग्राउंड के पास स्थित कैलाश कोठी को तोड़ने पर रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने प्रार्थी खुशबू सिंह की याचिका पर सुनवाई के बाद यह निर्देश दिया है। अदालत ने रांची डीसी को प्रार्थी की ओर से प्रस्तुत किए गए जमीन से संबंधित दस्तावेज का सत्यापन करने का निर्देश दिया है। अदालत ने डीसी से पूछा है कि प्रस्तुत दस्तावेज का आधार पर बताएं कि उक्त जमीन का अधिग्रहण किया गया है या नहीं। अगर उक्त जमीन का अधिग्रहण रिम्स के लिए किया गया है तो संबंधित रैयत को मुआवजा का भुगतान किया गया है या नहीं? इससे पहले सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर अदालत को बताया गया कि रिम्स प्रबंधन ने अवैध अतिक्रमण बताते हुए कैलाश कोठी को हटाने का नोटिस चिपकाया है। यह नोटिस गलत है। क्येांकि, जिस जमीन पर कैलाश कोठी बनी है, उस जमीन का अधिग्रहण नहीं किया गया था। प्रार्थी ने कैलाश कोठी के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज भी कोर्ट में प्रस्तुत किए। इसके बाद अदालत ने निर्माण तोड़ने पर रोक लगाने का आदेश दिया है। मालूम हो कि हाईकोर्ट ने पिछले दिनों रिम्स में फैली अव्यवस्था और रिम्स की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए 72 घंटे के अंदर कब्जेधारियों को स्वयं निर्माण हटाने का निर्देश दिया था। निर्धारित समय के बाद रांची के एसएसपी को बलपूर्वक अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था।


