झारखंड हाईकोर्ट ने डाकघरों में नए सॉफ्टवेयर आईटी 2.0 के लागू होने के बाद से हो रही परेशानी को गंभीरता से लिया है। दैनिक भास्कर के बुधवार के अंक में डाकघरों में खत्म नहीं हो रही परेशानी, अपने पत्र-पार्सल को ट्रैक नहीं कर पा रहे लोग शीर्षक से प्रकाशित खबर पर हाईकोर्ट ने स्वत:संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका में तब्दील कर दिया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। दरअसल, डाकघरों में नया सॉफ्टवेयर लगने के बाद से स्पीड पोस्ट करने, रजिस्ट्री करने या पार्सल को ट्रैक करना काफी मुश्किल हो गया है। रक्षा बंधन से पहले जिन बहनों ने अपने भाईयों को राखियां भेजी उसमें से काफी पार्सल समय पर नहीं पहुंचे। स्पीड पोस्ट के लिए 3 दिन का समय निर्धारित है, लेकिन पोस्ट पहुंचने में 10 से 15 दिनों का समय लग रहा है। ट्रैकिंग सिस्टम फेल रहने से लोग पोस्टऑफिस का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिल रहा है। हाईकोर्ट ने बस डिपो के जर्जर भवन पर सरकार से मांगा जवाब झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को स्टेशन रोड स्थित सरकारी बस डिपो के जर्जर भवन और क्वार्टर में लोगों के रहने के मामले पर सुनवाई हुई। दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर “सरकारी बस डिपो के क्वार्टर कंडम, फिर भी जान जोखिम में डाल लोग रह रहे, हो सकता है हादसा पर… पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका में तब्दील कर दिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने सरकार को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को उक्त भवन की जांच के लिए पत्र लिखा गया है। कार्यपालक अभियंता सोमवार को अपनी जांच रिपोर्ट पेश करेंगे। रिपोर्ट में यह बताने को कहा गया है कि भवन की स्थिति क्या है। वह रहने लायक है या नहीं या भवन को ध्वस्त किया जा सकता है या नहीं? रिपोर्ट मिलने के बाद परिवहन विभाग इस पर निर्णय लेगा। 13 अगस्त 11 अगस्त इधर, हाईकोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर रांची रेलवे स्टेशन पर एस्केलेटर खराब होने और जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में मुख्य सड़क पर अतिक्रमण किए जाने से एंबुलेंस के कैंपस में जाने में आ रही परेशानी से संबंधित खबर पर भी स्वत:संज्ञान लेते हुए रेलवे और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।


