छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शराब घोटाला मामले में दायर उनकी जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। मंगलवार को जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अब तक आत्मसमर्पण नहीं किया है, ऐसे में जमानत पर विचार नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिना सरेंडर किए किसी तरह की राहत की मांग स्वीकार्य नहीं है। इससे पहले दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिस पर मंगलवार को फैसला सुनाया गया। 75 लाख में हुई थी डील शराब घोटाला मामले में एसीबी को नई जानकारी मिली है। इस केस में आरोपी महेश शेडगे का बयान दर्ज किया गया है। शेडगे के मुताबिक, विनय सिंह ने विनय चौबे के इशारे पर फर्जी बैंक गारंटी के बदले 75 लाख रुपए लिए। यह राशि शराब कारोबार से जुड़े फर्जी दस्तावेजों के जरिए वित्तीय लाभ पहुंचाने के एवज में ली गई थी, जिससे घोटाले का दायरा और गंभीर हो गया। जांच में सामने आया है कि मैनपावर आपूर्ति से जुड़ी दो कंपनियों विजन हॉस्पिटेलिटी सर्विस एंड कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड और मार्शन कंपनी ने फर्जी बैंक गारंटी दी थी। इसके कारण उत्पाद विभाग को करीब 38 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ। इधर, आय से अधिक संपत्ति मामले में नेक्सजेन सॉल्यूशंस टेक्नोलॉजी के अकाउंटेंट राजीव कुमार झा ने बयान में कहा है कि उन्होंने न तो कभी कंपनी के कार्यालय का दौरा किया और न ही किसी बैठक में भाग लिया। इसके बावजूद उन्हें नियमित वेतन दिया गया, जिसकी जानकारी उन्हें स्वयं नहीं थी।


