संभल की जामा मस्जिद मामले में जिला कोर्ट में चल रही सुनवाई पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। बुधवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस मामले के सभी पक्षकारों से 4 हफ्ते में जवाब मांगा है। पक्षकारों के जवाब पर मस्जिद कमेटी को दो हफ्ते में अपना रिज्वांइडर यानी प्रत्युत्तर दाखिल करना होगा। अब इस मामले में 25 फरवरी को सुनवाई होगी। दरअसल, जामा मस्जिद की तरफ से इंतजामिया कमेटी ने 4 जनवरी को याचिका दाखिल की थी। इसमें सर्वे रोकने की मांग की थी।हाईकोर्ट से जिला अदालत में चल रही मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगने से मुस्लिम पक्ष को फौरी राहत मिली है। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में बुधवार को 8 जनवरी को जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच में हुई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगाी। हिंदू पक्ष की तरफ से सीनियर एडवोकेट हरिशंकर जैन और एडवोकेट प्रभाष पांडेय ने दलील दी। जबकि मुस्लिम पक्ष की तरफ से एसएफए नकवी ने पक्ष रखा। दरअसल, नवंबर में सर्वे और फिर हिंसा के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए थे। साथ ही, हाईकोर्ट को निर्देश दिया था कि याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई हो। मुस्लिम पक्ष ने जो याचिका दाखिल की थी। उसमें संभल जिला अदालत में चल रहे मुकदमे की पोषणीयता पर सवाल उठाते हुए उसे रद्द किए जाने की मांग की थी। साथ ही, एडवोकेट कमिश्नर की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं किए जाने और दीवानी अदालत के सर्वे आदेश की प्रक्रिया पर भी रोक की मांग की थी। हिंदू पक्ष की ओर से संभल की शाही मस्जिद में हरिहर मंदिर होने का दावा किया गया जा रहा है। इसे लेकर याचिका दाखिल की गई थी। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है…


