झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि राज्य सरकार अब तक बोर्ड के अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं कर सकी है। राज्य सरकार ने नियुक्ति के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि चार माह के भीतर बोर्ड अध्यक्ष की नियुक्ति की जाए और उसकी जानकारी अदालत को दी जाए। अवमानना याचिका याचिकाकर्ता प्रतीक शर्मा ने दायर की थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अध्यक्ष की नियुक्ति का आदेश दिया था, लेकिन अब तक पालन नहीं हुआ। अदालत का यह आदेश पर्यावरण निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण के लिए अहम माना जा रहा है। झिरी से रोजाना कितना कचरा हटाया जा रहा बताए निगम: कोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को झिरी से कचरा हटाने के मामले की सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए रांची नगर निगम से विस्तृत जवाब मांगा है। अदालत ने निगम से पूछा है कि झिरी से रोजाना कितना कचरा हटाया जा रहा है। अब तक कितना कचरा हटाया गया और कब तक पूरा कचरा हटा दिया जाएगा। अदालत ने इसका टैबुलर चार्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 22 जनवरी को करेगी। मालूम हो कि हाईकोर्ट ने समाचार पत्र में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए इस मामले को जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था।


