पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSTCL) की भर्ती को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने असिस्टेंट लाइनमैन (ALM) और असिस्टेंट सब-स्टेशन अटेंडेंट (ASSA) पदों के लिए आईटीआई योग्यता को पूरी तरह वैध ठहराते हुए डिग्री और डिप्लोमा धारकों की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि अदालत न तो भर्ती नियम दोबारा लिख सकती है और न ही अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताओं की समानता तय कर सकती है। हाईकोर्ट के इस फैसले से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री और डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवारों को झटका लगा है, जो खुद को आईटीआई के समकक्ष मानते हुए भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए जाने की मांग कर रहे थे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री या डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवार केवल इस आधार पर आईटीआई के बराबर नहीं माने जा सकते, जब तक भर्ती विज्ञापन या सेवा नियमों में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान न हो। यदि विज्ञापन में केवल आईटीआई योग्यता मांगी गई है, तो अदालत उसे अपने स्तर पर विस्तारित नहीं कर सकती। 2021 के विज्ञापन से जुड़ा है मामला मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने बताया कि PSTCL ने 18 मई 2021 को विज्ञापन जारी कर 350 असिस्टेंट लाइनमैन और 150 असिस्टेंट सब-स्टेशन अटेंडेंट पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इन पदों के लिए न्यूनतम योग्यता मैट्रिक के साथ इलेक्ट्रिशियन या वायरमैन ट्रेड में फुल-टाइम रेगुलर आईटीआई सर्टिफिकेट तय की गई थी। इसके बाद कई ऐसे उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट का रुख किया, जिनके पास इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री या डिप्लोमा था। उनका कहना था कि उनकी योग्यता आईटीआई से ऊंची है, इसलिए उन्हें आवेदन से बाहर करना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी चुनौती दी कि ऑनलाइन पोर्टल पर आईटीआई विकल्प के बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। आईटीआई और इंजीनियरिंग डिग्री अलग-अलग योग्यताएं PSTCL की ओर से पेश हुए वकील विकास चतरथ ने दलील दी कि आईटीआई इलेक्ट्रिशियन या वायरमैन एक व्यावसायिक (वोकेशनल) योग्यता है, जो फील्ड लेवल की तकनीकी स्किल्स पर आधारित होती है, जबकि डिग्री और डिप्लोमा अकादमिक प्रकृति की अलग योग्यता हैं। इस पर हाईकोर्ट ने सहमति जताते हुए कहा कि दोनों के पाठ्यक्रम, उद्देश्य और प्रशिक्षण पूरी तरह अलग हैं। इसलिए अदालत यह तय नहीं कर सकती कि एक योग्यता दूसरी के समकक्ष है। योग्यता तय करना विभाग का अधिकार कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि भर्ती के लिए योग्यता तय करना संबंधित विभाग या संस्था का अधिकार है। अदालतें न तो भर्ती नियमों को दोबारा लिख सकती हैं और न ही अलग-अलग योग्यताओं की समानता तय कर सकती हैं। जब विज्ञापन की शर्तें स्पष्ट हैं, तो उन्हें उसी रूप में लागू किया जाना चाहिए। सभी याचिकाएं खारिज हाईकोर्ट ने माना कि ALM और ASSA जैसे पदों के लिए हैंड्स-ऑन ट्रेड स्किल्स जरूरी हैं, जो सीधे आईटीआई प्रशिक्षण से मिलती हैं। इसलिए आईटीआई और इंजीनियरिंग डिग्री/डिप्लोमा धारकों को अलग-अलग वर्ग मानना तर्कसंगत और संवैधानिक है। अदालत ने सभी याचिकाएं खारिज करते हुए PSTCL की भर्ती शर्तों को वैध ठहराया और साफ कहा कि बिना आईटीआई सर्टिफिकेट वाले डिग्री या डिप्लोमा धारकों को इन पदों पर विचार किए जाने का कोई अधिकार नहीं है।


