हाईकोर्ट बोला-सड़क खराब तो ठेकेदार कंपनी पर ही FIR क्यों:जो PWD अधिकारी निगरानी करते हैं, वे कैसे बच सकते हैं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जब सड़क निर्माण में लापरवाही हुई है, तो सिर्फ ठेकेदार के कर्मचारियों पर FIR क्यों? लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों की कोई जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई? ये टिप्पणी जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस राजेश एस पाटिल की बेंच ने महाराष्ट्र के नेशनल हाईवे NH66 पर हुए सड़क हादसों के केस में की। यह मामला पुणे के इंदापुर से रायगढ़ के वाडपाले तक के हाईवे से जुड़ा है। NH66 पर 2020 से अब तक 170 सड़क हादसे हुए हैं। इनमें 97 लोगों की मौत हो चुकी है और 208 लोग घायल हुए हैं। आरोप है कि सड़क पर गड्ढे थे, डायवर्जन बोर्ड नहीं लगे थे और निर्माण अधूरा था। इस मामले में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने ठेकेदार कंपनी के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर, जनरल मैनेजर और डायरेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। कोर्ट बोला- बिना मंजूरी के कार्रवाई न हो कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि बिना कोर्ट की इजाजत चार्जशीट दाखिल न की जाए। याचिकाकर्ता के वकील करण कदम ने बताया कि यह कॉन्ट्रैक्ट 2017 में मिला था, लेकिन कई तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से काम बार-बार रुका। अब कर्मचारियों पर सीधे हत्या जैसे मामले दर्ज करना गलत है। याचिका में कहा गया कि कमर्शियल प्रोजेक्ट में डेडलाइन मिस होना अपराध नहीं हो सकता। कोर्ट ने जांच जारी रखने की अनुमति दी है, लेकिन साफ किया कि आगे कोई कार्रवाई कोर्ट की मंजूरी के बिना नहीं होगी। 2025 में नेशनल हाईवे पर हादसों में 26,770 लोगों की मौत: गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में बुधवार को बताया कि जनवरी से जुलाई 2025 तक नेशनल हाईवे पर हादसों में 26,770 लोगों की मौत हुई। 2024 में नेशनल हाईवे पर कुल 52,609 हादसे हुए थे। देशभर में 13,795 ब्लैक स्पॉट हैं, अधिकांश का सुधार हो चुका है। 2018-2022 में सड़क हादसों में 7.77 लाख मौतें हुई केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग ने दिसंबर 2024 में रोड एक्सीडेंट इन इंडिया, 2022 रिपोर्ट जारी की थी। इसके मुताबिक देश में 5 सालों में (2018-2022 तक) सड़क हादसों में 7.77 लाख मौतें हुई हैं। सबसे ज्यादा 1.08 लाख मौतें उत्तर प्रदेश में हुई हैं। इसके बाद तमिलनाडु 84 हजार मौत और महाराष्ट्र 66 हजार मौत के साथ दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। 2022 में देश में 4.61 लाख रोड एक्सीडेंट हुए रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में देश में कुल 4,61,312 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें से 1,55,781 (33.8%) जानलेवा थे। इन हादसों में 1,68,491 लोगों की मौत हुई और 4,43,366 लोग घायल हुए। 2021 की तुलना में 2022 में कुल सड़क हादसों में 11.9% का इजाफा हुआ, जबकि सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 9.4% और घायलों की संख्या में 15.3% की बढ़ोतरी हुई। 2022 में 33% हादसे नेशनल हाईवे पर हुए सड़क दुर्घटनाओं और मौतों के आंकड़ों से पता चलता है कि देश के कुल सड़क नेटवर्क का सिर्फ 5% हिस्सा हाईवे है, लेकिन इन पर 55% से ज्यादा हादसे होते हैं, जिनमें कुल मौतों में से 60% से ज्यादा मौतें होती हैं। 2022 में, कुल दुर्घटनाओं का 32.9% और कुल मौतों का 36.2% नेशनल हाईवे पर हुईं।

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