सिटी रिपोर्टर | बिलासपुर बोदरी नगर पंचायत में जल संकट से राहत के लिए स्वीकृत जल आवर्धन योजना एक बार फिर तकनीकी और वित्तीय अड़चनों में उलझ गई है। दरअसल शिवनाथ नदी से पानी लाने के लिए पाइपलाइन बिछ चुकी है और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी तैयार है, लेकिन प्लांट को चालू करने के लिए 33 केवीए बिजली लाइन की जरूरत ने नई चुनौती खड़ी कर दी है। इसके लिए करीब 4 किलोमीटर नई लाइन बिछानी होगी, जिस पर 1.46 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। नगर पंचायत के अधिकारियों के अनुसार, प्लांट सामान्य कनेक्शन से संचालित नहीं हो सकता। 33 केवीए लाइन प्लांट से लगभग 4 किमी दूर से लानी होगी। रेलवे लाइन भी पार करनी पड़ेगी, जिसके लिए रेलवे विभाग से अनुमति लेना जरूरी है। एक महीने में फंड की व्यवस्था कर पाना और रेलवे से मंजूरी लेकर सप्लाई शुरू कर पाना मुश्किल है। गर्मी की शुरुआत के साथ ही हाई कोर्ट कॉलोनी समेत 14 वार्डों में हर साल जल संकट की स्थिति बन जाती है। भू-तल में लाइन स्टोन होने से बारिश का पानी जमीन में पर्याप्त मात्रा में नहीं समाता। टैंकरों की संख्या भी पर्याप्त नहीं है। ऐसे में इस योजना से लोगों को बड़ी उम्मीद थी। नगर पंचायत के नए सीएमओ प्रदीप मिश्रा ने बुधवार को ज्वाइन किया। उनके पद संभालते ही कर्मचारियों ने दर्जन भर समस्याएं गिना दीं। उन्होंने जल संकट को प्राथमिकता बताते हुए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और निर्माणाधीन टंकियों का निरीक्षण किया। अतिरिक्त राशि की आवश्यकता की जानकारी मिलने पर उन्होंने बिजली विभाग से चर्चा कर शासन को फंड उपलब्ध कराने पत्र भेजा है। साथ ही एजेंसी और इंजीनियरों को आवश्यक अनुमति लेने और समन्वय बनाकर काम तेज करने के निर्देश दिए हैं।


