नंदन कुमार। पांकी पांकी प्रखंड के गोंगो गांव स्थित राजकीय कृत मध्य विद्यालय गोंगो के प्रभारी शिक्षक आलोक रंजन विद्यालय तो आते हैं लेकिन उपस्थिति पंजी में अपनी उपस्थिति बनाकर गायब हो जाते हैं ना तो उन्हें संचालित कक्षा से कोई मतलब है और ना ही मध्याह्न भोजन से विद्यालय के रखरखाव व अन्य प्रकार की विद्यालय से संबंधित कार्य से वे हमेशा किसी न किसी बहाने से विद्यालय के बाहर ही रहते हैं। विद्यालय का हाल ऐसा है जैसे वह विद्यालय ना हो गौशाला हो विद्यालय विकास के पैसे भी बंदर बांट कर लिया जाता है अगर विद्यालय विकास के पैसे की जांच अच्छी तरीके से की जाए तो परिणाम चौंकने वाला होगा यहां तक कि उनके कार्यशैली से पंचायत के मुखिया सहित अभिभावक भी परेशान रहते हैं वहीं विद्यालय में शौचालय तो है लेकिन शौचालय के बाहर झाड़ियां का अंबार लगा हुआ है प्रखंड के कई विद्यालयों में छात्र छात्राओं को बैठने के लिए बेंच की कमी है लेकिन इस विद्यालय में बेंच को इस कदर बाहर फेंका हुआ है जैसे कचरा फेंका हुआ हो विद्यालय के सहायक शिक्षक गिरेंद्र सिंह भी घोर लापरवाही बरतते हैं। वे विद्यालय परिसर में ही बच्चों के सामने खैनी बनाकर खा रहे हैं एक ओर सरकार छात्र छात्राओं व शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है वहीं शिक्षकों के मनमानी व लापरवाही के वजह से विद्यालय का माहौल पूरी तरह चौपट हो गई है इस तरह के शिक्षक बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इस विषय पर पूछने के लिए पांकी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी परमेश्वर साहू ने बताया कि विद्यालय परिसर में खैनी खाना या किसी प्रकार का धूम्रपान करना बहुत ही गलत कार्य है अगर ऐसा होगा तो कारवाई की जाएगी। वहीं शिक्षक के गायब रहने के विषय में उन्होंने कहा कि जांचों उपरांत स्पष्टीकरण देकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे 5-5 प्रखंड का प्रभार होने के कारण मैं सभी विद्यालयों का निरीक्षण सही से नहीं कर पाता हूं जिसके वजह से शिक्षक भी मनमानी कर रहे हैं।


