आठ साल की उम्र एक हादसे में पैर गंवाने के बाद भी हार मानने के बजाय निशाने को ही अपनी ताकत बना लिया। आज देश के सबसे प्रतिष्ठित खेल सम्मान की दौड़ में सबसे आगे है। भरतपुर के 19 वर्षीय पैरा शूटर रुद्रांश खंडेलवाल का नाम अर्जुन अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट होना न सिर्फ जिले के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह कहानी हौसले, संघर्ष की मिसाल भी है। सबसे कम उम्र में इस पुरस्कार की रेस में शामिल होकर रुद्रांश ने साबित कर दिया कि जज्बा हो तो कोई भी बाधा मंजिल तक पहुंचने से रोक नहीं सकती। इस वर्ष अर्जुन पुरस्कार के लिए जिन 24 खिलाड़ियों के नामों की सिफारिश की गई है, उनमें रुद्रांश सबसे युवा खिलाड़ी हैं। रुद्रांश खंडेलवाल अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। पेरिस पैरालंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और लगातार शानदार प्रदर्शन के चलते देश के शीर्ष पैरा शूटरों में अपनी पहचान बना चुके हैं। कम उम्र में बड़ा संघर्ष, हादसे ने बदली जिंदगी रुद्रांश के चाचा आशुतोष खंडेलवाल ने बताया- रुद्रांश ने 8 वर्ष की उम्र में हादसे में उन्होंने अपना एक पैर गंवा दिया था। हमारे एक रिश्तेदार की शादी शहर के एक मैरिज होम में थी, जहां समारोह के दौरान आतिशबाजी चल रही थी। इसी दौरान रुद्रांश उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद रुद्रांश को पूरी तरह स्वस्थ होने में करीब 3 साल का समय लगा। इस हादसे ने उनके हौसले को कमजोर करने के बजाय और मजबूत किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शूटिंग को अपना लक्ष्य बनाया और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच गए। चार बार वर्ल्ड रिकॉर्ड, 2023 में बने नंबर वन रुद्रांश ने अपने करियर में अब तक चार बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़े हैं। वर्ष 2023 में वे 50 मीटर शूटिंग इवेंट में दुनिया के नंबर वन खिलाड़ी भी रहे। इसके साथ ही वे सबसे युवा एशियन खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल कर चुके हैं। नियमों से पहले रिकॉर्ड बने आधार अर्जुन अवॉर्ड के लिए नियमानुसार खिलाड़ियों के चार साल के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन को आधार माना जाता है, लेकिन रुद्रांश को अभी केवल तीन साल का ही अंतरराष्ट्रीय अनुभव है। इसके बावजूद उनका नाम सिफारिश के लिए भेजा गया। इसका कारण यह है कि रुद्रांश ने तीन साल में उतने मेडल जीत लिए हैं, जितने कई खिलाड़ी चार साल में भी नहीं जीत पाते। रुद्रांश के पास 25 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मेडल हैं। अर्जुन अवॉर्ड के लिए आधार बने 10 मेडल में 6 गोल्ड और 4 सिल्वर शामिल हैं। उन्होंने एशियन गेम्स 2023 में 2 सिल्वर, लीमा वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में 2 सिल्वर, वहीं ओसिजेक शूटिंग वर्ल्डकप 2023, न्यू दिल्ली वर्ल्डकप 2024 और चांगवोन वर्ल्डकप 2025 में 2-2 गोल्ड मेडल जीते हैं। चयन समिति ने की सिफारिश नई दिल्ली में आयोजित चयन समिति की बैठक में भारतीय ओलिंपिक संघ के उपाध्यक्ष गगन नारंग, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी अपर्णा पोपट और पूर्व हॉकी खिलाड़ी एम.एम. सोमाया ने खिलाड़ियों के नामों की सिफारिश की। समिति द्वारा जिन खिलाड़ियों के नाम भेजे जाते हैं, उन्हें ही अर्जुन अवॉर्ड देने का प्रस्ताव होता है। हालांकि अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और खेल मंत्रालय द्वारा लिया जाता है। जरूरत पड़ने पर सूची में नाम जोड़े या हटाए भी जा सकते हैं। रुद्रांश के अर्जुन अवॉर्ड के लिए नामित होने पर जिला खेल अधिकारी सत्यप्रकाश लुहाच, एसबीएन शूटिंग रेंज, उनके कोच सुमित राठी और भरतपुर ओलिंपिक संघ के सचिव रमेश इंदौलिया सहित खेल जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई दी है।


