अमृतसर| किसानों ने डीसी ऑफिस के बाहर धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेता जतिंदर सिंह छीना ने कहा कि सूबे में लोकतंत्र खत्म हो चुका है। खनौरी और शंभू बॉर्डर पर किसानों पर जिस तरह की कार्रवाई सरकार ने की वह निंदनीय है। अपनी बातें रखना, विरोध जताने पर जेल भेज दिया जा रहा। चुनाव के पहले आप पार्टी ने वादा किया था कि कोई धरना नहीं लगने देंगे। लेकिन आज किसान इतना तंग आ चुके हैं कि मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ रहा। है। किसान नेताओं पर लाठियां चलवाई जा रही और जेल भेज रहे। भास्कर न्यूज | अमृतसर संयुक्त किसान मोर्चा भारत के आह्वान पर किसान संगठनों ने ‘जबर विरोधी दिवस’ के तहत डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के सामने धरना देते हुए अमेरिकी अधिकारियों के भारत दौरे के विरोध में पंजाब के राज्यपाल और राष्ट्रपति के नाम अतिरिक्त उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और विशेष रूप से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर आरोप लगाया कि वे केंद्र सरकार के इशारे पर कृषि क्षेत्र को कॉर्पोरेट्स को सौंपने के उनके विरोध को खत्म करने के लिए किसानों के आंदोलन को कुचलने के लिए व्यवस्थित रूप से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने सबसे पहले संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब के नेताओं को 3 मार्च को बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने बैठक से बाहर निकलकर किसान नेताओं के साथ दुर्व्यवहार किया था।उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि गिरफ्तार किसान नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए। वहीं, शंभू और खनौरी सीमाओं पर किसानों की ट्रैक्टर ट्रॉलियां चुराने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की गई। किसानों ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के समक्ष सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक धरना दिया। इस मौके पर डॉ. सतनाम सिंह जतिंदर सिंह छीना मौजूद थे। अमृतसर | हाल गेट सिटी सर्कल में टेक्निकल सर्विस यूनियन ने रोष प्रदर्शन किया। यह संघर्ष कार्यक्रम संयुक्त किसान मोर्चा के समर्थन में रखा गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार ने धरने पर बैठे किसानों पर अत्याचार किया। जबकि उन्हें जबरन हटाया और सामान तोड़ा गया। वहीं कुछ सामान और 120 ट्रालियां भी सरकार ने गायब करवा दीं। सिटी सर्किल के नेताओं ने रैली में कहा कि वह किसानों के साथ खड़े हैं और जहां भी जरूरत पड़ी साथ देंगे। उन्होंने पंजाब सरकार से कर्मचारियों और किसानों पर अत्याचार बंद करने की मांग की।


