शहर की बाबा मस्तराम बस्ती का हिन्दू सम्मेलन बुधवार को आयोजित किया गया। इसका शुभारंभ संत ओमनाथ महाराज व संत अमर दास बाबा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संत ओमनाथ महाराज ने कहा कि सनातन अपने गौरवशाली संस्कृति और संस्कारों के लिए पूरे विश्व में अपनी अनूठी पहचान रखता है। हिंदू समाज को जाति भेद से दूर होकर खुद को संगठित करने का प्रयास करना चाहिए। ये वर्तमान समय में सबसे ज्यादा जरूरी है। संत अमरदास महाराज ने कहा कि आपसी भाईचारा और सब वर्गों को समान रूप से स्वीकार करना चाहिए। सम्मेलन के प्रवीण कुमार शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जिला प्रचारक भगतसिंह ने बौद्धिक उद्बोधन में कहा कि हिंदू सम्मेलन आज की युवा पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ने के लिए आयोजित हो रहे हैं। एकल परिवार की अवधारणा ने संयुक्त परिवारों को तोड़ दिया। इसको देखते हुए आपसी भेद मिटाकर सामाजिक समरसता लानी होगी। इसके साथ पर्यावरण को बचाने के लिए साल में एक पौधा लगाने का संकल्प लेना चाहिए। पंच परिवर्तनों की जानकारी देते हुए मुख्य वक्ता ने स्वदेशी अपनाने की बात कही। कार्यक्रम में आए संत व महात्माओं का समिति की ओर से सम्मान किया गया। विहिप के जिला मंत्री जयराज जांगिड़ ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में भजन गायक अर्जुन पारीक व कवि ऋषित शर्मा ने प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले बच्चों, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कमला, एंजल, गोरक्षक विनोद व लक्की का सम्मान हुआ। सम्मेलन में त्रिलोक, महेश पारीक, संतोष वाल्मीकि, किशोरी, विनोद जोशी, विनोद सैनी, कमलकांत शर्मा, वेदप्रकाश पारीक, हरीश स्वामी, गिरधारी सिंह शेखावत, राकेश सैनी, आयोजन समिति संरक्षक पवन पुजारी, बनवारी लाल, नकुल स्वामी, योगेंद्र, मेनका, बिंदू शर्मा मौजूद रहे।


