हिंसक न हों कुत्ते इसलिए सड़क पर खाना खिलाती हैं महिलाएं

शहर में घूम रहे बेसहारा और घायल कुत्ते हिंसक न हों इसलिए महिलाएं पिछले नौ वर्षों से देखभाल कर रही हैं। ये महिलाएं जब भी समय मिलता है तब सड़कों पर मिलने वाले आवारा कुत्तों को भोजन कराती हैं। घायल कुत्तों का रेस्क्यू कर इलाज करवाती हैं। इन महिलाओं ने नवंबर 2025 में करुणा एनिमल वेलफेयर सोसायटी की शुरुआत की थी। सोसायटी की सदस्य संगीता गुप्ता ने बताया कि 2017 में मॉर्निंग वॉक के दौरान रास्ते में मिलने वाले आवारा कुत्तों को खाना खिलाने से हुई। धीरे-धीरे कुत्तों से जुड़ाव बढ़ता गया और घायल या बीमार कुत्तों के इलाज, रेस्क्यू और अडॉप्शन की दिशा में काम शुरू किया गया। रैबीज जैसे मामलों में कुत्तों को सुरक्षित स्थानों पर भेजकर उनका उपचार भी कराया गया। चार माह में 30 कुत्तों का इलाज करवा चुकी संस्था संगीता ने बताया कि नवंबर 2025 में एनजीओ का गठन किया गया और इसमें अन्य महिलाओं को जोड़ा। तब से अब तक 30 कुत्तों का रेस्क्यू कर इलाज करवा चुकी हैं। वह मुख्य रूप से साउथ सिटी इलाके में आवारा कुत्तों की पहचान कर उनके लिए फीडिंग और इलाज की व्यवस्था करती हैं। समय के साथ छह से आठ महिलाएं एक-दूसरे के संपर्क में आईं। करुणा एनिमल वेलफेयर सोसायटी में रुही घई, पूजा गुप्ता, सुखमनी ग्रेवाल, अनुराधा, सुखजीत कौर, वानी जैन और जसविंदर कौर जुड़ चुकी हैं। इनके अलावा अनु अहूजा, गरिमा और रुचि अग्रवाल भी इस अभियान में सहयोग दे रही हैं। इन महिलाओं में कई जॉब भी करतीं है। इनको जब समय मिलता है तो वह यह कार्य करती हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *