जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी सोमवार को दुर्ग पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में प्रदेश की राजनीति, नक्सलवाद और माडवी हिड़मा के मुद्दे पर अपनी राय रखी। जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ कई गंभीर सवालों के बीच खड़ा है, जिन पर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। अमित जोगी ने माडवी हिड़मा को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हिड़मा को ‘राज्य का दुश्मन’ बताया और कहा कि जो लोग संविधान पर आस्था नहीं रखते, उनका सम्मान नहीं करते, ऐसे व्यक्ति पर टिप्पणी करना भी उचित नहीं है। जोगी ने इस बात पर जोर दिया कि हिड़मा को हीरो या शहीद बताने की कोशिश करना एक खतरनाक मानसिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत लोकतंत्र का देश है, जिसकी नींव डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी के विचारों पर आधारित है। हिंसा और संविधान-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों का नाम लेना भी सही नहीं है। प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला करते हुए अमित जोगी ने आरोप लगाया कि सरकार का एकमात्र एजेंडा अडानी समूह को लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ की मूल्यवान संपत्तियों को तीन चरणों में सौंपने की योजना पर काम कर रही है, जिनमें से दो चरण पूरे हो चुके हैं। जोगी के अनुसार, उत्तर छत्तीसगढ़ की कोयला खदानों को अडानी समूह को बेचने की तैयारी है। इसके साथ ही सीमेंट, स्टील और पावर सेक्टर से जुड़ी संपत्तियां भी इसी दिशा में दी जा रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि दक्षिण छत्तीसगढ़ की लौह अयस्क संपत्तियों को भी अडानी के हवाले करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस नीति से प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों पर गंभीर असर पड़ेगा। नक्सलवाद बैकफुट पर, अंत निश्चित: जोगीनक्सलवाद पर जोगी ने दावा किया कि माओवादी अब बैकफुट पर हैं और जल्द ही इसका अंत हो जाएगा। उन्होंने कहा—“जब लड़ाई ही हार चुके हैं, तो सरेंडर की बात का कोई मतलब नहीं। सरकार को इस विषय पर अनावश्यक चर्चा नहीं करनी चाहिए। जो लड़ाई माओवादियों ने शुरू की है, उसका जवाब उन्हें मिल चुका है और इसे अंजाम तक पहुंचाना जरूरी है।”


