हिमाचल के ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी:5 शहरों में माइनस में तापमान, कुफरी-नारकंडा में पहली बार जमाव बिंदू से नीचे पारा, शीतलहर की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बीते 24 घंटे के दौरान बर्फबारी हुई है। लाहौल स्पीति के कोकसर, सिस्सू, रोहतांग, कुंजम, शिंकुला दर्रा, बारालाचा व अटल टनल रोहतांग के अलावा चंबा के जोत व मणिमहेश, शिमला के कुफरी व नारकंडा और कुल्लू के सोलंग नाला में भी बर्फ के फाहे गिरे। वहीं ऊना में 2.2 मिलीमीटर और हमीरपुर के नेरी में 2.5 मिलीमीटर बारिश हुई है। हल्की बारिश व बर्फबारी के बाद मैक्सिमम और मिनिमम टैम्परेचर में गिरावट दर्ज की गई है। इससे सुबह-शाम व रात के तापमान में बड़ी गिरावट हुई है। 5 शहरों का पारा माइनस में चला गया है। कुकुमसैरी में रात का पारा माइनस -6.2 डिग्री, ताबो में माइनस -6.8, कल्पा माइनस -3 डिग्री, कुफरी में माइनस -0.1 और नारकंडा में माइनस -1.0 डिग्री तक गिर चुका है। कुफरी और नारकंडा में भी इस विंटर सीजन में पहली बार तापमान माइनस में गया। अगले 72 घंटे शीतलहर का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले 72 घंटे तक शीतलहर चलने की चेतावनी दी है। यह अलर्ट ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा जिले के लिए दिया गया है। इस अलर्ट को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जाहिर है कि अगले तीन दिनों को दौरान तापमान में गिरावट आएगी। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान पहले ही सामान्य से नीचे लुढ़क गया है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से कम हो गया है। लाहौल स्पीति के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान माइनस 6 डिग्री से नीचे गिर चुका है। दिसंबर में नॉर्मल से कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में दिसंबर में बारिश नहीं हुई। एक से 31 दिसंबर के बीच सामान्य से 99% कम बारिश दर्ज हुई। इस अवधि में 0.2 मिलीमीटर हुई, जबकि 36.2 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। सिर्फ लाहौल-स्पीति में 0.7 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पहले 1902, 1907, 1925, 1939 और 1993 में ऐसा हुआ है। इस बार 32 साल ऐसा हुआ है जब दिसंबर सूखा गया है। दिसंबर में नॉर्मल से कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में दिसंबर में बारिश नहीं हुई। एक से 31 दिसंबर के बीच सामान्य से 99% कम बारिश दर्ज हुई। इस अवधि में 0.2 मिलीमीटर हुई, जबकि 36.2 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। सिर्फ लाहौल-स्पीति में 0.7 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पहले 1902, 1907, 1925, 1939 और 1993 में ऐसा हुआ है। इस बार 32 साल ऐसा हुआ है जब दिसंबर सूखा गया है।

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