हिमाचल के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र की मोदी सरकार पर जुबानी हमला बोला। उन्होंने हालिया AI समिट 2026 से जुड़े विवादों को लेकर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि ‘गलगोटिया यूनिवर्सिटी के कारण पूरी दुनिया में हमारी फजीहत हुई है।’ मंत्री के इस बयान पर BJP ने तीखा पलटवार किया और कहा कि जगत नेगी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। नेगी ने कहा कि ‘देश तब बदनाम हुआ जब चीन के कुत्ते को अपना बताकर पेश किया गया। आखिर कैसे चीन के कुत्ते को अपना बता दिया गया? इससे देश की छवि को नुकसान पहुंचा है।’ उन्होंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय समिट में एक और मॉडल रबर बैंड लगाकर प्रस्तुत किया गया, ‘हमारे तीसरी-चौथी कक्षा के बच्चे इससे बेहतर मॉडल बना देते हैं। राजस्व मंत्री ने तंज कसते हुए कहा- हम लोगों को बेवकूफ बनाया जा सकता है, लेकिन दुनिया बेवकूफ नहीं बना सकते। AI समिट के नाम पर “फर्जीवाड़ा करके विश्व गुरु बनने की बातें की जा रही हैं।” उन्होंने कहा कि ‘आज भी 80 करोड़ लोग 5 किलो राशन पर निर्भर हैं। ऐसे में बड़े-बड़े दावे करके जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब खुद प्रधानमंत्री मोदी भी मान गए कि भारत-पाक लड़ाई के दौरान हमारे राफेल गिरे। पहले तो मान ही नहीं रहे थे। नेगी ने आरोप लगाया कि भाजपा की जुमलेबाजी से देश को बाहर निकालने की जरूरत है। विरोध करना लोकतात्रिक अधिकार: नेगी युवा कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर राजस्व मंत्री ने कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। “जब कॉमनवेल्थ गेम्स हुए थे, तब भाजपा ने भी प्रदर्शन किए थे। तब क्या देश की बदनामी हुई थी? शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करना हमारा अधिकार है,। नेगी ने भाजपा की विचारधारा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “इनकी सोच से देश कश्मीर से कन्याकुमारी तक तितर-बितर हो जाएगा।” देश को बीजेपी की जुमलेबाजी के बाहर निकलना होगा। PM ने 1500 करोड़ की घोषणा की, 15 पैसे भी नहीं आए: नेगी राजस्व मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने संविधान के तहत तय RDG को ही बंद कर दिया। इनसे और क्या उम्मीद रखी जाए। उन्होंने कहा कि 2025 में प्रधानमंत्री मोदी 1500 करोड़ रुपए की घोषणा करके हिमाचल से गए। 15 पैसे भी नहीं आए। साल 2023 की आपदा का PDNA का बजट भी अब तक पूरा नहीं मिल पाया। ‘हिमाचल विद्रोही’ कहने पर भड़की: BJP भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने राजस्व मंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को ‘हिमाचल विद्रोही’ कहना उनकी बौखलाहट और असंयमित भाषा का परिचायक है। उन्होंने सलाह दी कि मंत्री विपक्ष की चिंता छोड़कर सरकार चलाने और जनता की सेवा पर ध्यान दें। जमवाल ने कहा कि भाजपा ने कभी यह नहीं कहा कि ग्रांट बंद होनी चाहिए, बल्कि प्रश्न यह है कि यह बंद क्यों हुई? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार वित्त आयोग के सामने अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में विफल रही और उसी का परिणाम यह स्थिति बनी। राकेश जमवाल ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल की सहायता कर रही है और हाल ही में आपदा राहत के लिए लगभग ₹286 करोड़ की राशि भी जारी की गई है, लेकिन राज्य सरकार इसका आभार मानने के बजाय केंद्र पर ही आरोप लगा रही है।


