हिमाचल खाद्य आयोग बदलेगा कार्यप्रणाली:तकनीक का होगा उपयोग, आयुक्त एसपी कत्याल बोले- जल्द जारी होगा हेल्पलाइन नंबर, बनेगी वेबसाइट

हिमाचल प्रदेश खाद्य आयोग उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव कर रहा है। राज्य आयुक्त एसपी कत्याल ने बताया कि आयोग अब तक आम उपभोक्ता की पहुंच से दूर था, लेकिन अब तकनीक और जागरूकता के माध्यम से उपभोक्ताओं से जुड़ने का प्रयास करेगा। आयोग जल्द ही एक हेल्पलाइन नंबर जारी करेगा और अपनी वेबसाइट भी बनाएगा। मंडी में मीडिया से बातचीत में एसपी कत्याल ने बताया कि आयोग की कार्यप्रणाली में तकनीक को प्राथमिकता दी जाएगी। इस पहल के तहत, प्रदेश की विभिन्न आंगनबाड़ियों और मिड-डे मील (एमडीएम) संचालकों का डेटा ऑनलाइन किया जाएगा। इससे जांच टीमों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक आंकड़े आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। तीन विभागों के बीच में कड़ी का काम करेगा आयोग एसपी कत्याल ने यह भी बताया कि राज्य खाद्य आयोग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग के बीच समन्वय स्थापित करने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेगा। इससे सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और कार्यों में भी तेजी आएगी। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न खाद्यान्नों की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही, यह सुनिश्चित करने को कहा कि लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट 15 से 20 दिनों के भीतर प्राप्त हो जाए। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी प्राप्त रिपोर्टों को बिना किसी भेदभाव के सार्वजनिक करना भी अनिवार्य होगा। एसपी कत्याल ने स्पष्ट किया कि खाद्य आपूर्ति निगम एवं विभाग द्वारा आटे, चावल, खाद्य तेल और दालों की आपूर्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पूरी पारदर्शिता के साथ पालन किया जाता है। ऑर्डर केवल इस प्रक्रिया के बाद ही आटा मिलों और अन्य फर्मों को दिए जाते हैं। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा इसके बावजूद, समय-समय पर विभिन्न स्तरों पर खाद्यान्नों के सैंपल भरे जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी गड़बड़ी पाई जाती है, तो माल तुरंत वापस कर दिया जाएगा और संबंधित फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोग के कार्यों से लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न स्तरों पर सेमिनार और कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि स्ट्रीट वैंडर और अन्य छोटे कारोबारियों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे अपने काम में साफ-सफाई और स्वास्थ्य के मानकों का पूरा ध्यान रखें। जिससे वे अपना व्यवसाय कर रोजी-रोटी भी कमा सकें और लोगों की सेहत से भी खिलवाड़ न हो। इस अवसर पर उनके साथ खाद्य आपूर्ति निगम के एरिया मैनेजर संजीव वर्मा और खाद्य-आपूर्ति अधिकारी पवन भी मौजूद रहे।

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