हिमाचल गुड़िया रेप केस में 8 पुलिस अफसर दोषी:CBI कोर्ट चंडीगढ़ ने तत्कालीन SP नेगी को किया बरी; आईजी जैदी भी जेल जाएंगे

हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित गुड़िया रेप-मर्डर केस के गवाह की हत्या मामले में CBI कोर्ट चंडीगढ़ ने IG जहूर एच जैदी समेत 8 अधिकारियों व जवानों को दोषी करार दिया है। इनकी सजा का ऐलान कुछ दिन होगा। तत्कालीन SP शिमला डीडब्ल्यू नेगी को CBI कोर्ट ने बरी किया है। जहूर एच जैदी के अलावा तत्कालीन DSP ठियोग मनोज जोशी, एसआई राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद शर्मा, एचएचसी मोहन लाल, एचएचसी सूरत सिंह, एचसी रफी मोहम्मद और कॉन्स्टेबल रानित सटेटा पर आरोप साबित हुए है। बता दें कि साल 2017 में गुड़िया कोटखाई में गुड़िया के रेप व मर्डर केस में एक गवाह की हत्या के आरोप में गिरफ्तार 9 पुलिस अधिकारियों व जवानों को गिरफ्तार किया था। ये था पूरा मामला.. बता दें कि शिमला जिले के कोटखाई में 4 जुलाई, 2017 को 16 वर्षीय एक छात्रा स्कूल से लौटते वक्त लापता हो गई थी। 6 जुलाई को कोटखाई के तांदी के जंगल में छात्रा का शव निर्वस्त्र हालत में मिला। पुलिस ने जांच में पाया कि छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या की गई। इस मामले की जांच के लिए शिमला के तत्कालीन आईजी सैयद जहूर हैदर जैदी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने इस मामले में एक स्थानीय युवक सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक नेपाली युवक सूरज की कोटखाई थाने में पुलिस हिरासत के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई की जांच में पता लगा कि आरोपी सूरज की मौत पूछताछ के दौरान पुलिस प्रताड़ना के कारण हुई थी। इसके आधार पर सीबीआई ने आईजी जैदी सहित मामले से जुड़े नौ अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या की धारा 302, सुबूत खुर्द-बुर्द करने की धारा 201 सहित अन्य कई संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। वर्ष 2017 में इस मामले को शिमला जिला अदालत से चंडीगढ़ सीबीआई अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया था। आज सात पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को दोषी करार दिया गया है। मामले में नामजद आईजी जैदी को हिमाचल प्रदेश सरकार ने 15 जनवरी, 2020 को सस्पेंड कर दिया था और वर्ष 2023 में उन्हें करीब 3 साल बाद बहाल किया गया था।

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