हिमाचल में ट्रैफिक जाम से टूरिस्ट परेशान:शिमला-कसौली में दूसरे दिन भी जूझते रहे लोग, 60 मिनट के सफर में 2-3 घंटे लग रहे

हिमाचल के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आज भी ट्रैफिक जाम लगा रहा। सोलन के गढ़खल कस्बे में दोपहर बाद बड़ी संख्या में टूरिस्ट व्हीकल ट्रैफिक जाम में फंस गए। इससे पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इससे एक घंटे के सफर में दो से तीन घंटे का वक्त लग रहा है। शिमला में भी सुबह से शाम तक अलग अलग लोकेशन पर ट्रैफिक जाम लगा रहा। हिमलैंड से लिफ्ट, घोड़ा चौकी से विक्ट्री टनल, ताराहाल से लक्कड़ बाजार और ढली टनल से ग्रीन वेली के बीच जाम ने टूरिस्ट के साथ साथ लोकल लोगों को भी परेशान किया। शिमला के ढली में बीते कल भी 12 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। ढली टनल से कुफरी-फागू के बीच सुबह 9 बजे ही हल्का जाम लगना शुरू हो गया था। दोपहर बाद वाहन कछुए की गति से रेंगते नजर आए।। ढली से फागू के बीच रात 10 बजे तक भी जाम लगा रहा। तारादेवी से विक्ट्री टनल, लक्कड़ बाजार से संजौली, विक्ट्री टनल से लिफ्ट के बीच में भी दिन के वक्त बीच-बीच में ट्रैफिक जाम लगता रहा। इससे टूरिस्ट के साथ-साथ स्थानीय लोग भी ट्रैफिक जाम में देर रात तक फंसे रहे यही स्थिति कीरतपुर-मनाली, परवाणू-कसौली सड़क भी रही। ऐसे में ट्रैफिक जाम से बचने के लिए टूरिस्ट वीकेंड के बजाय सोमवार से शुक्रवार के बीच पहाड़ों की यात्रा का प्लान कर सकते हैं। इन दिनों समर सीजन पीक पर है। ऐसे में सेंटर-डे व रविवार को वाहनों की संख्या दो से ढाई गुणा ज्यादा हो जाती है। शिमला में ट्रैफिक जाम की दूसरी बड़ी वजह टूरिस्ट के अलावा शिमला में ट्रैफिक जाम की दूसरी बड़ी वजह समर वेकेशन पर अपने गांव को गए बच्चों व उनके पेरेंट्स की शिमला वापसी रही। दरअसल, शिमला के कई कॉन्वेंट स्कूलों में एक सप्ताह का समर वेकेशन था। आज से स्कूल दोबारा खुले हैं। ऐसे में सभी पेरेंट्स रविवार को शिमला लौटें। इससे भी वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ और खासकर कुफरी से ढली के बीच ट्रैफिक व्यवस्था पटरी से उतर गई। शिमला पुलिस के छूटे पसीने ट्रैफिक को रेगुलेट करने में शिमला पुलिस के भी पसीने छूट गए। पुलिस के अनुसार, रविवार को ढली और ठियोग के बीच आम दिनों के मुकाबले वाहनों की संख्या दो से तीन गुणा ज्यादा हो गई, क्योंकि देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी से बचने को टूरिस्ट शिमला आ रहे हैं, वह कुफरी, महासू पीक, नारकंडा जाना नहीं भूलते। इससे ट्रैफिक अनकंट्रोल हो गया है। जब हालात बिगड़े तो ट्रैफिक टू-लेन में चलाया शाम 7 बजे के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि कुछ देर के लिए अपर शिमला जाने वाला ट्रैफिक रोकना पड़ा और मशोबरा बाइफरकेशन से ढली चौक तक ठियोग साइड से आने वाले वाहन टू-लेन में शिमला साइड भेजे गए। 90 प्रतिशत तक पहुंची ऑक्यूपेंसी शिमला के होटेलियर अश्विनी सूद ने बताया कि रविवार को होटलों में 90 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी हो गई थी। उन्होंने बताया कि गर्मी से बचने को काफी संख्या में टूरिस्ट शिमला पहुंच रहे हैं। ट्रैफिक जाम परेशान कर रहा है। पांच मिनट के सफर में एक-एक घंटा लग रहा है। कसौली में 90 प्रतिशत से ज्यादा और मनाली में भी 80 से 90 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी हो गई। अल्टरनेटिव सड़क, पर इस्तेमाल नहीं अपर शिमला को राजधानी से कनेक्ट करने वाला अल्टरनेटिव रोड भेखलटी-मशोबरा-ढली है। मगर, ट्रैफिक जाम में इसका इस्तेमाल नहीं किया गया। इस सड़क से एक साइड (छोटे वाहन) डायवर्ट किए जा सकते हैं, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। जबकि यह सड़क अच्छी कंडीशन में हैं और मेटल्ड है। छोटे वाहनों के लिए एक साइड इसका इस्तेमाल कर ट्रैफिक जाम से निजात दिलाई जा सकती है। शिमला में ट्रैफिक जाम की वजह से रविवार को अपर शिमला से आने जाने वाली बसे समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाई। इससे टूरिस्ट के साथ साथ लंबा सफर करने वाले लोग भी परेशान रहे।

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