हिमाचल में बनी असली भाजपा के नाम से नई पार्टी:देहरा विधायक ने की कार्यकारिणी की घोषणा, अनुभवी कार्यकर्ताओं को मिली जिम्मेदारी

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बीजेपी के अंदर नया घटनाक्रम सामने आया है। देहरा से विधायक रमेश धवाला ने ‘असली बीजेपी’ के नाम से नया संगठन खड़ा किया है। धवाला ने हरिपुर और ढलियारा मंडल की पैरलल कार्यकारिणी की घोषणा की है। हरिपुर मंडल में मनी राम चौधरी को अध्यक्ष बनाया गया है। ढलियारा मंडल की कमान सुरिंदर ठाकुर को सौंपी गई है। हरिपुर मंडल में पांच उपाध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इनमें रंजीत छबर, कुलदीप राणा, पुष्पा चौधरी, सुरक्षा धीमान और किशन चौधरी शामिल हैं। जसबीर गुलेरिया और रमेश धीमान को महासचिव का पद दिया गया है। संगठन में सचिव के रूप में संजू नाग मंदिर, मनोहर कलर, अमरो देवी, देसराज महवा और रेणु वाला खैरियां को जगह मिली है। कार्यकारिणी में कई अन्य अनुभवी कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया गया है। इस नई कार्यकारिणी की घोषणा से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। धवाला ने पूरे संगठन की जिम्मेदारी पुराने और अनुभवी कार्यकर्ताओं को सौंपी है। इस कदम से प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है। ढलियारा मंडल में भी मजबूती से खड़ी की गई टीम ढलियारा मंडल अध्यक्ष सुरिंदर ठाकुर ने परस राम, राकेश (काका), प्रकाश डढवाल और जगदीश चौधरी को उपाध्यक्ष बनाया है। महासचिव के रूप में प्रवीण चौधरी और मजीद मोहम्मद को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सुभाष कश्यप को कार्यालय सचिव नियुक्त किया गया है। सचिव पदों पर दीपक शर्मा, तिलक शर्मा, डॉ. ओम और सविता देवी समेत अन्य को स्थान दिया गया है। कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी पृथी पाल सिंह चंदेल को दी गई है। प्रवक्ता पद पर विवेक पठानिया की नियुक्ति
पार्टी के संचार और विचार पक्ष को मजबूत करने के लिए धवाला ने विवेक पठानिया को अपनी ‘असली बीजेपी’ का प्रवक्ता नियुक्त किया है। विवेक पठानिया लंबे समय से संगठन से जुड़े हैं और विभिन्न मंचों पर पार्टी की बात दमदार तरीके से रखने के लिए जाने जाते हैं। विशेष आमंत्रित सदस्य भी बनाए गए
दोनों मंडलों में संगठन के कई वरिष्ठ नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। इनमें मास्टर हरि सिंह, मास्टर मदन लाल, कैप्टन बलदेव सिंह, चंचल सिंह गुलेरिया, रविंदर सूद, शोभा देवी, रंधावा, अशोक कुमार और कई अन्य प्रमुख चेहरे शामिल हैं। धवाला की इस पहल को पार्टी के भीतर एक अलग शक्ति केंद्र स्थापित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इससे प्रदेश बीजेपी की आंतरिक राजनीति में नई हलचल मच गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी हाईकमान इस पर क्या रुख अपनाता है और प्रदेश राजनीति में यह कदम किस दिशा में मोड़ लाता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *