हिमाचल में बाढ़ में बहा परिवार,11 महीने की बच्ची बची:150 परिवारों ने गोद लेने की इच्छा जताई; प्रशासन ने बैंक अकाउंट खुलवाया

हिमाचल के मंडी में 30 जून की रात बादल फटने से आई बाढ़ में पूरा परिवार बह गया। घर में सिर्फ 11 महीने की बच्ची नितिका बची है। उसके पिता का शव मिल चुका है, जबकि मां और दादी का अभी तक सुराग नहीं लग पाया है। फिलहाल नितिका अपनी बुआ के पास रह रही है। बादल फटने की घटना के बाद गोहर की SDM स्मृतिका नेगी नितिका के घर पहुंची थीं। यहां उन्होंने उसे गोद में उठाया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर नितिका की SDM की गोद में खेलते हुए का वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद 150 से ज्यादा परिवारों ने उसे गोद लेने की इच्छा जताई। रिश्तेदारों का कहना है कि दूसरे देशों से भी उनके पास फोन आ रहे हैं। प्रशासन की तरफ से नितिका का बैंक में अकाउंट खुलवाया गया है, जिसमें लोग आर्थिक मदद कर रहे हैं। नितिका से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए… 3 पॉइंट्स में जानिए कैसे हुआ हादसा… प्रशासन की तरफ से जारी किया गया पोस्टर… चाचा बोले- दादी रिटायर होने वाली थी
नितिका के चाचा अमरनाथ ने बताया कि कुदरत ने जैसा खेल आज नितिका के साथ खेला है, ठीक वैसा ही लगभग 30 साल पहले नितिका के पिता रमेश के साथ हुआ था। रमेश जब 6 महीने के थे, तब उनके पिता झाबे राम की एक हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद रमेश का पालन-पोषण उनकी मां पुर्नू देवी ने किया। पुर्नू देवी सरकारी स्कूल में प्यून की नौकरी करती थीं। वह 6-7 महीने बाद रिटायर होने वाली थीं। पुर्नू देवी ने रिटायरमेंट से पहले तलवाड़ा गांव में पुराने मकान के साथ ही एक नया घर बना लिया था, मगर कुदरत को कुछ और ही मंज़ूर था। नितिका को गोद लेने के लिए लगभग 150 लोग संपर्क कर चुके हैं। दो से तीन परिवार घर तक पहुंच भी चुके हैं। SDM बोलीं- गोद लेने के लिए फोन आ रहे
SDM स्मृतिका नेगी ने बताया कि नितिका को गोद लेने के लिए बड़ी संख्या में फोन आ रहे हैं। कुछ लोग उनसे भी संपर्क कर रहे हैं, जबकि कुछ फोन दूसरे अधिकारियों के माध्यम से आ रहे हैं। कुछ लोग नितिका के रिश्तेदारों से भी संपर्क कर रहे हैं, लेकिन नितिका के पालन-पोषण का जिम्मा उसकी छोटी बुआ किरणा ने लिया है।

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