हिमाचल प्रदेश में पूर्व कर्मचारी नेता गोपाल दास वर्मा ने राज्य की वर्तमान स्थिति को गंभीर बताते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। मंगलवार को बिलासपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कांग्रेस सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। गोपाल दास वर्मा ने बताया कि प्रदेश की ट्रेजरियां कई महीनों से बंद हैं, जिससे 10,000 रुपए से अधिक का लेन-देन नहीं हो पा रहा है। इसका सबसे बुरा असर ठेकेदारों पर पड़ा है, जो आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याएं अनसुलझी हैं। करोड़ों रुपए के पेंशन लाभ लंबित पड़े हैं। पूर्व कर्मचारी नेता ने सरकार पर आलोचकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार जनता और कर्मचारियों की भावनाओं की अनदेखी कर रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है और प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की है।


