हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां क्षेत्र में आज सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। यह कार्रवाई CRPF के कड़े सुरक्षा घेरे में की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, ED की टीमों ने गोविंद गोस्वामी, आयुष हर्ब और रिटायर एसडीओ शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी की। गोविंद गोस्वामी टांडा मेडिकल कॉलेज में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। वहीं शर्मा हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (HPSEB) से रिटायर एसडीओ है। इसके अलावा ठआरू क्षेत्र में स्थित आयुष हर्ब नामक फर्म के दो प्रतिष्ठानों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया। इन तीनों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई क्रिप्टो करंसी से जुड़े एक संदिग्ध लेन-देन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में की जा रही है। हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि नहीं की गई। सुबह से शुरू हुई इस छापेमारी के दौरान ED की अलग-अलग टीमें संबंधित परिसरों में दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही हैं। कार्रवाई के दौरान किसी को भी अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि सुरक्षा के लिहाज से CRPF जवानों को तैनात किया गया है। फिलहाल, छापेमारी में बरामद सामान, जब्त दस्तावेजों या कार्रवाई के सटीक कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ED सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। गौरतलब है कि हाल के दिनों में देशभर में क्रिप्टो करंसी से जुड़े मामलों पर प्रवर्तन निदेशालय की सख्ती लगातार बढ़ी है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश में की गई यह कार्रवाई भी अहम मानी जा रही है।


