हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में घोषणा की कि सरकार चिट्टा माफिया को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार ने चिट्टा कारोबारियों पर शिकंजा कसने के लिए कानून को और सख्त किया है, ताकि नशे के नेटवर्क पर सीधा प्रहार किया जा सके। सीएम सुक्खू ने दावा किया कि प्रदेश में नशे के नेटवर्क से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी संपत्तियां भी सील की गई हैं, जिससे माफिया की आर्थिक कमर टूट सके। उन्होंने इस लड़ाई को केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का बताया। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि विधानसभा परिसर में स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर ‘नशे पर मैराथन’ का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य नशे के खिलाफ इस जंग को जन आंदोलन का रूप देना है। उन्होंने समाज, पत्रकारों और सभी राजनीतिक दलों से अपील की, “आप सब आगे आएं, नशे के खिलाफ इस लड़ाई में एकजुट होकर खड़े हों। हमने ठान लिया है कि चिट्टा माफिया को जड़ से उखाड़कर ही दम लेंगे।” सरकार ने आने वाले दिनों में नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाने की बात कही है। पुलिस और प्रशासन को भी इस दिशा में और कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। हिमाचल में चिट्टा के बढ़ते खतरे के बीच सुक्खू सरकार का यह आक्रामक रुख अब प्रदेशव्यापी अभियान का संकेत माना जा रहा है।


