हिमाचल हाईकोर्ट आज SP बद्दी लगाएगा​​​​​​​:ऐसा पहली बार होगा, सरकार से 3 IPS का पैनल मांगा; अभी विनोद धीमान अतिरिक्त कार्यभार देख रहे

हिमाचल प्रदेश के पुलिस जिला बद्दी में इल्मा अफरोज की जगह अगला पुलिस अधीक्षक (SP) हाईकोर्ट लगाएगा। हाईकोर्ट ने इसके लिए सरकार से तीन IPS अधिकारियों का पैनल मांग रखा है। पैनल में से किसे SP बद्दी लगाया जाए, यह फैसला अदालत करेगी। बताया जा रहा है कि प्रदेश में ऐसा पहली बार होगा, जब किसी जिला में SP लगाने का निर्णय सरकार नहीं, अदालत करने जा रही है। दरअसल, हाईकोर्ट ने बीते गुरुवार को एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई करते वक्त चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश सत्येन वेद्य की बैंच ने कहा, जनता अपनी पसंद का SP चाह रही हैं, जबकि सरकार अपनी पसंद का। इसलिए कोर्ट ने सरकार से तीन नाम मांगे है। याचिकाकर्ता ने मांगी थी इल्मा की तैनाती वहीं याचिकाकर्ता सुचा राम ने इल्मा अफरोज को SP बद्दी लगाने का आग्रह किया था। इसके पीछे तर्क दिया गया था कि जब से इल्मा SP बद्दी बनी हैं तब से कानून व्यवस्था का राज हुआ है। इल्मा ने माइनिंग माफिया पर अंकुश लगाया है। इल्मा ने हाईकोर्ट और नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों को सख्ती से लागू किया है। MLA रामकुमार से टकराव के बाद छुट्टी पर गई इल्मा बता दें कि दून से कांग्रेस विधायक राम कुमार चौधरी से टकराव बढ़ने के बाद इल्मा अफरोज पहले 40 दिन तक लंबी छुट्टी पर गईं। ड्यूटी पर लौटी तो सरकार ने पुलिस मुख्यालय में तैनाती दी। सरकार ने एक याचिका के जवाब में अदालत को बताया कि इल्मा खुद बद्दी से ट्रांसफर चाह रही हैं। मगर सुचा राम ने इल्मा को दोबारा SP बद्दी लगाने की याचिका में गुहार लगाई थी। सरकार ने अभी HPS अधिकारी विनोद धीमान को SP बद्दी का अतिरिक्त कार्यभार दे रखा हैं। SP बद्दी को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद इल्मा अफरोज ने 7 जनवरी, 2024 को बद्दी की SP के तौर पर काम शुरू किया। अगस्त 2024 में इल्मा ने विधायक रामकुमार चौधरी की पत्नी की माइनिंग से जुड़ी गाड़ियों के चालान काटे। इससे विधायक नाराज हो गए। इसके बाद दोनों में टकराव बढ़ता गया। विधायक ने इल्मा को विधानसभा से विशेषाधिकार हनन का नोटिस तक दिलवा दिया। स्क्रैप कारोबारी ने खुद पर चलाई गोली इस बीच बद्दी में एक फायरिंग कांड हुआ, जिसमे स्क्रैप कारोबारी राम किशन की बुलेट प्रूफ गाड़ी पर गोलियां चलाई गई। वह पहले पुलिस से ऑल इंडिया गन लाइसेंस की मांग कर रहा था, लेकिन SP इल्मा ने कारोबारी का पिछला रिकॉर्ड देखते मंजूरी नहीं दी। जांच में पता चला कि राम किशन ने खुद ही गोलियां चलाईं। इल्मा ने उस पर कार्रवाई शुरू कर दी। कारोबारी नेताओं का करीबी था। इस वजह से भी SP पर दबाव था, लेकिन वह कार्रवाई से पीछे नहीं हटीं। सीएम के साथ मीटिंग के बाद छुट्टी पर गई इल्मा 6 नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में रखी गई DC-SP की मीटिंग में शामिल होने शिमला पहुंची। यहां उनकी मुलाकात कुछ नेताओं और सीनियर पुलिस अफसरों से हुई। उसी दिन इल्मा अफरोज वापस बद्दी लौटीं। उन्होंने अचानक सरकारी आवास से सामान समेटा और फिर मां के साथ उत्तर प्रदेश स्थित अपने गांव लौट गईं। हालांकि उन्होंने किसी से कुछ नहीं कहा। तब से यह विवाद चल रहा है। अदालत आज इस पर विराम लगा सकती है।

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