हरियाणा के हिसार जिले की साइबर पुलिस ने एक नए तरह के साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। जिसमें आरोपी ऑनलाइन दर्ज FIR की जानकारी का दुरुपयोग कर पीड़ितों से ठगी करने का प्रयास करते हैं। पुलिस ने मामले में मध्य प्रदेश के छतरपुर से उत्तर प्रदेश के आरोपी शिवम को गिरफ्तार किया है। भैंस और कटड़ी वापस लाने के लगेंगे 10 हजार एसपी शशांक कुमार सावन के अनुसार गांव ढंडूर के अनिल कुमार ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अनिल ने 31 दिसंबर को थाना सदर हिसार में अपनी तीन भैंस और एक कटड़ी की चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके एक दिन बाद, 1 जनवरी को उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को थाना सदर रेवाड़ी का इंस्पेक्टर बताया। फर्जी इंस्पेक्टर ने अनिल को बताया कि उनकी भैंसें रेवाड़ी में मिल गई हैं। उन्हें वापस लाने के लिए 10 हजार रुपए की मांग की। एक दिन में करीब 10-12 बार फोन कर पैसों की मांग की गई। अनिल ने अपने चचेरे भाई से पैसे भेजने को कहा, जिसने केवल 100 रुपए ट्रांसफर किए। ऑनलाइन FIR सर्च कर पीड़ितों की पहचान करता था पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी शिवम उत्तर प्रदेश के महोबा का रहने वाला है। ऑनलाइन दर्ज FIR को सर्च कर पीड़ितों की पहचान करता था और फिर उन्हें फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर फोन करता था। पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल बरामद कर लिया है, जिस पर ठगी के पैसे प्राप्त किए गए थे। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। शिकायतकर्ता ने दिखाई समझदारी, भेजे 100 रूपए जांच के दौरान सामने आया कि धोखेबाजों ने ऑनलाइन भैंस चोरी की FIR सर्च की और पीड़ित के पास पुलिस इंस्पेक्टर बन फोन कर कहा कि उसकी तीनों भैंस रेवाड़ी सदर थाना के इलाके में मिली है और भैंसों को भेजने के एवज में 10 हजार रुपए की फोन पे के माध्यम से डिमांड की गई। शिकायतकर्ता ने समझदारी दिखा पहले 100 रुपए ट्रांसफर किए और फ्रॉड होने की शंका होने पर थाना सदर हिसार में पुलिस से सम्पर्क किया। जिस पर पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि उनके साथ तो साइबर फ्रॉड हो गया है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने साइबर थाना में शिकायत दी। जिस पर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। फोन आने पर थाने में करें संपर्क पुलिस अधीक्षक ने कहा कि धोखाधड़ी से सावधान रहें। अगर आपने कोई भी, किसी भी मामले में FIR दर्ज करवाई है, तो अगर उसके बारे में आपके पास किसी भी तरह का कोई फोन आए। जिसमें पैसे की मांग की जाए, तो सजग रह संबंधित थाना में संपर्क करें। बिना सोचे समझे किसी को भी पैसे ट्रांसफर न करे। पुलिस ऐसे किसी से पैसे नहीं मांगती है। अगर कही की भी पुलिस को कोई चोरीशुदा वाहन, पशु या कोई भी वस्तु मिलती है, तो वह संबंधित थाना में संपर्क करते है न कि शिकायतकर्ता से।


