अमृतसर| इस बार गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। तापमान लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। ईएमसी हॉस्पिटल, अमृतसर के निदेशक डॉ. ऋषभ अरोड़ा ने लोगों को हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी बीमारियों को लेकर सतर्क किया है। उन्होंने कहा कि जब शरीर जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाता है और पसीना आना बंद हो जाता है, तो शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है। यह स्थिति हीट स्ट्रोक कहलाती है। यह मस्तिष्क, दिल और शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। यह एक आपात स्थिति होती है। समय पर इलाज न मिले तो जान भी जा सकती है। डॉ. अरोड़ा ने बताया कि चक्कर आना, तेज सिरदर्द, मतली, उल्टी, बेहोशी, भ्रम, तेज धड़कन और पसीना आना बंद होना हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि बचाव ही सबसे अच्छा इलाज है। ईएमसी हॉस्पिटल ने लोगों को कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं। दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप में न निकलें। हल्के, ढीले और पूरी बांह के सूती कपड़े पहनें। ताजे फल, नारियल पानी और नींबू पानी का सेवन करें। बच्चों और बुजुर्गों को दिन में कई बार पानी पिलाएं।


