हृदय स्वास्थ्य के लिए योग व प्राणायाम जरूरी : योगाचार्य

गुना| आज की बदलती जीवनशैली ने सबसे अधिक असर मानव के हृदय स्वास्थ्य पर डाला है। अब हृदय रोग केवल वृद्धों की बीमारी नहीं रहा, बल्कि युवाओं में भी तेजी से फैल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनियाभर के कुल हृदय रोगियों में से लगभग 60 प्रतिशत मरीज भारत में हैं, जो चिंता का विषय है। पिछले कुछ वर्षों में 40 वर्ष से कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। उक्त बात गायत्री मंदिर पर चल रहे योग सत्र के दौरान योगाचार्य महेश पाल ने व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विश्व हृदय दिवस 2025 का विषय एक धड़कन न चूकें रखा गया है, जो इस ओर स्पष्ट संकेत देता है कि यदि व्यक्ति, समाज और सरकारें अब भी सचेत नहीं हुए, तो हृदय रोग एक वैश्विक महामारी का रूप ले सकता है। यह तब होता है जब हृदय की रक्तवाहिकाओं में प्लाक वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों का जमाव होकर रक्त प्रवाह को बाधित कर देता है।

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