सूरजपुर जिले के मोहरसोप प्रायमरी स्कूल में हेडमास्टर ने बच्चों को पढ़ाने के लिए गांव के 12वीं पास एक युवक को किराए पर टीचर रखा है। वह पिछले कुछ दिनाें से हेडमास्टर की जगह स्कूल में बच्चों को पढ़ाने पहुंच रहा है। स्कूल में पहुंचे स्थानीय मीडियाकर्मियों को युवक ने बताया कि उसकी सरकारी नियुक्ति नहीं है। हेडमास्टर अपनी जेब से कुछ पैसे देंगे। मोहरसोप का यह प्रायमरी स्कूल एकल शिक्षकीय है। जानकारी के मुताबिक, ओड़गी ब्लॉक के प्रायमरी स्कूल मोहरसोप में हेडमास्टर डीएस सिंह ने स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए किराए का टीचर रख लिया है। दरअसल मोहरसोप का प्रायमरी स्कूल एकल शिक्षकीय है। यहां एकमात्र हेडमास्टर पोस्टेड हैं। स्कूल में कक्षा पहली से पांचवीं तक बच्चों की दर्ज संख्या 52 है। युक्तियुक्तकरण के बावजूद इस स्कूल को शिक्षक नहीं मिल सके। हेडमास्टर अनुपस्थित, किराए का टीचर पढ़ा रहा बच्चों को
गुरुवार को स्थानीय मीडियाकर्मी स्कूल पहुंचे तो हेडमास्टर डीएस सिंह स्कूल से अनुपस्थित मिले। 52 बच्चों में से 11 बच्चे स्कूल पहुंचे थे, जिन्हें स्थानीय युवक पूर्ण देव यादव पढ़ाते मिला। पूर्ण देव यादव ने बताया कि हेडमास्टर ने उसे स्कूल में पढ़ाने के लिए कहा है। जब वे स्कूल नहीं जाएंगे तो पूर्ण देव यादव स्कूल में बच्चों को पढ़ाएगा। पूर्ण देव यादव ने कहा कि उसकी कोई सरकारी नियुक्ति नहीं हुई है। हेडमास्टर ने कहा है कि उसे अपने जेब से कुछ पैसे देंगे। स्थानीय लोगों ने बताया कि हेडमास्टर चार-पांच दिनों से स्कूल से गायब हैं। कलेक्टर, मंत्री का नाम भी नहीं बता सका किराए का टीचर
पूर्ण देव यादव ने बताया कि वह हायर सेकेंडरी पास है। मीडियाकर्मियों ने जब उससे सूरजपुर के कलेक्टर, स्थानीय विधायक एवं शिक्षामंत्री का नाम पूछा तो वह नहीं बता सका। यह इलाका प्रदेश के महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का गृहक्षेत्र है। हेडमास्टर से फोन पर बताया कि वे गुरुवार को मीटिंग में गए थे। स्कूल में दूसरे शिक्षक की पदस्थापना नहीं है। एकमात्र टीचर के भरोसे शिक्षा
मोहरसोप प्रायमरी स्कूल में एकमात्र हेडमास्टर डीएस सिंह पोस्टेड हैं। उन्हीं के जिम्मे स्कूल के कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों को पढ़ाने और विभागीय काम की जवाबदेही है। जब हेडमास्टर को मीटिंग या किसी काम से बाहर जाना पड़ता है तो स्कूल में बच्चों को स्वीपर व एमडीएम संचालन करने वाली महिलाएं संभालती हैं। जिस दिन शिक्षक अवकाश में होते हैं, बच्चे एमडीएम खाकर लौट जाते हैं। यह निंदनीय, जांच कराएंगे-बीईओ
ओड़गी बीईओ प्रदीप सिंह ने कहा कि यह निदनीय है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच कराने पर शिक्षक ने अपने स्थान पर किसी दूसरे को पढ़ाने भेजा है तो शिक्षक एवं संबंधित जनशिक्षक के खिलाफ कार्रवाई होगी। सूरजपुर के 87 स्कूल एकल शिक्षकीय
सूरजपुर जिले में कुल 87 स्कूल ऐसे हैं, जहां एक शिक्षक की पोस्टिंग है। ये सभी प्रायमरी स्कूल हैं। इनमें से सबसे ज्यादा ओड़गी ब्लॉक में ही हैं। शिक्षकों की कमी के कारण युक्तियुक्तकरण के बाद भी शिक्षक इन स्कूलों को नहीं मिल सके हैं।


