कोटा के हैंगिंग ब्रिज पर गौ रक्षक और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के काफिले को रोक लिया।
कार्यकर्ताओं ने कोटा शहर में मृत गायों के निस्तारण को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि नगर निगम के ठेकेदार मृत गायों को बंदा धरमपुरा के पास खाली जमीन पर खुले में डाल देते हैं। आरोप है कि गायों को सड़कों पर घसीटते हुए ले जाया जाता है, जो न केवल अमानवीय है बल्कि हिंदू धर्म की आस्था और संस्कृति का भी अपमान है। गौ रक्षकों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी नगर निगम और कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी समस्या से अवगत कराने के लिए उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को रोका और मांग की कि मृत गायों को खुले में फेंकने के बजाय विधि अनुसार जमीन में दफनाया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए वसुंधरा राजे ने मौके पर ही पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर से फोन पर बात कर प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति के साथ किसी भी तरह का अमानवीय खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान कुछ देर के लिए यातायात बाधित हुआ और जाम जैसी स्थिति बन गई। वसुंधरा राजे झालावाड़ से जयपुर की ओर जा रही थीं।


