नगर निगम ने 65 लाख के बजट से चुनाव से पहले हैबोवाल और बीआरएस नगर में सड़क तो बना दी लेकिन यह सड़क 30 दिन भी नहीं चल सकी। इससे साफ हो गया है ठेकेदार की ओर से निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिस कारण नई सड़क वाहनों का दबाव नहीं झेल पाई। इस मामले में नगर निगम ने कंपनी को नोटिस जारी किया है। नगर निगम चुनाव 21 दिसंबर को हुए थे। कोड ऑफ कंडक्ट लागू होने से पहले नगर निगम की ओर से सड़कों के टेंडरों को मंजूरी प्रदान की गई थी। आनन-फानन में सड़कों के काम शुरू हो गए। इससे लगा था कि ये सड़कें शहरवासियों के लिए लाभदायी होंगी लेकिन एक महीने में ही सड़कें टूटनी शुरू हो गई है। ताजा मामला हैबोवाल के इंद्रप्रस्थ नगर और करतार नगर का है जहां, 50 लाख के बजट से सड़क बनाई गई थी। आरोप है कि आनन-खनन में यह लुकवाली सड़कें तैयार की गई और ठेकेदार की ओर से भी घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इसी का नतीजा है कि सड़क से बजरी बिखरने लग गई है। निगम के जेई और एसडीओ के निरीक्षण और मैटेरियल जांच को लेकर भी सवाल उठे हैं जिनकी लापरवाही के कारण टैक्स के रूप में प्राप्त जनता का 50 लाख रुपया बर्बाद हो गया। वहीं, चुनाव से पहले बीआरएस नगर में ई ब्लॉक में 15 लाख से एक किमी सड़क बनी थी। यह सड़क भी टूट गई है। जेई व एसडीओ पर कार्रवाई हो वहीं, काउंसिल ऑफ इंजीनियर्स के प्रधान कपिल अरोड़ा ने कहा कि नगर निगम की सड़कें एक महीना भी नहीं चल पाती है जो बड़ा सवाल है। हैबोवाल क्षेत्र और बीआरएस नगर में ई-ब्लॉक में चुनाव से कुछ दिनों पहले सड़क बनाई थी लेकिन ये सड़क एक महीने में ही खराब हो गई। इंजीनियरों की ओर से निर्माण से पहले मैटेरियल की जांच की गई या नहीं, यह भी सवाल उठ रहा है। सड़क टूटने का कारण घटिया सामग्री का इस्तेमाल करना है। लुकवाली सड़क कम से कम पांच साल तक चलनी चाहिए लेकिन नगर निगम पहले सड़क निर्माण में रुपये खर्च करता है और इसके बाद खुद पैच वर्क करता है। सड़क बनाने के दौरान तापमान 10 डिग्री होना चाहिए। लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट की विजिलेंस को शिकायत इन दिनों लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट की विजिलेंस टीम लुधियाना में अवैध निर्माण से जुड़े मामलों की जांच कर रही है। टीम ने अवैध निर्माणों को लेकर फाइलों की बारीकी से जांच की है। वहीं सड़कों की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों की भी जांच की है। आरोप है कि नगर निगम की बीएंडआर ब्रांच के अफसरों की मिलीभगत रही है। लुधियाना पहुंचे चीफ विजिलेंस ऑफिसर राजीव सिकरी को इस संबंध में शिकायत की गई है। टीम द्वारा सड़कों और टूटने वाली सड़कों के सैंपल भी लिए जा रहे हैं।


