राजधानी जयपुर में नगर निगम सीमा में संचालित तमाम सरकारी, प्राइवेट हॉस्पिटल, स्कूल के अलावा बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, खेल परिसर (स्टेडियम, मैदान) को श्वान (आवारा कुत्तों) से मुक्त बनाया जाएगा। ताकि वहां आने छोटे बच्चों और बड़े-बुजुर्गो के साथ कोई घटना न हो। नगर निगम जयपुर ने इसके लिए एक नोटिस जारी करके सभी हॉस्पिटल और स्कूल संचालकों को इसकी व्यवस्था जनवरी के आखिरी तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। साथ ही श्वानों को परिसर में घुसने से रोकने के लिए 24 घंटे सुरक्षा गार्ड नियुक्त करने के लिए कहा है। दरअसल जयपुर में बढ़ती डॉग बाइट की घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुओमोटो संज्ञान लेते हुए इसके बचाव के लिए सरकार को जरूरी कदम उठाने के आदेश दिए थे। इन आदेशों की पालना में पिछले कुछ माह पहले स्वायत्त शासन विभाग ने एक गाइडलाइन जारी की थी। इस गाइडलाइन की पालना में नगर निगम जयपुर ने पिछले दिनों क्षेत्र के सभी स्कूलों (प्राइवेट और सरकारी), हॉस्पिटलों के प्रबंधन को नोटिस जारी करके श्वानों को परिसर में आने से रोकने के निर्देश दिए थे। 24 घंटे सुरक्षा गार्ड लगाने के निर्देश नोटिस के बाद पिछले दिनों नगर निगम की तरफ से सार्वजनिक सूचना जारी की गई। इसमें इन हॉस्पिटल, स्कूल और खेल परिसरों में श्वानों को आने से रोकने के लिए 24 घंटे सुरक्षा गार्ड नियुक्त करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन परिसर में चारदीवारी नहीं है, वहां चारदीवारी या तारबंदी करके श्वानों को रोकने के निर्देश दिए है। जनवरी के आखिरी तक श्वान मुक्त परिसर करने का समय स्वायत्त शासन विभाग की तरफ से जारी 14 नवंबर को जारी गाइडलाइन में जनवरी तक इस काम को पूरा करने के निर्देश है। साथ ही नगर निगम प्रशासन को निर्देश दिए है कि अगर इन सरकारी परिसर (खेल मैदान, बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, सरकारी हॉस्पिटल या स्कूल) में कोई श्वान है और उसे पकड़ा जाता है तो उस श्वान की नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसे उस स्थान पर न छोड़ने के निर्देश दिए है।


